बिजनौर। देहरादून में रिटायर्ड जनरल मेजर के घर लूट करने में दबोचे गए बिजनौर जिले के प्रदीप और केशव ठगी करने के साथ लुटेरे बन गए।
दोनों बदमाशों ने देहरादून को टारगेट बना लिया था। दोनों वहां अब बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
तभी दोनों को पुलिस ने दबोच लिया। दोनों देहरादून के एक मकान में छिपकर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाश जिस घर में वारदात करते थे परिजनों को पिस्टल हाथ में लेकर पाकिस्तान का आतंकी बताकर डराते थे।
नहटौर थाने के गांव नवादा चौहान निवासी प्रदीप और धामपुर के मोहल्ला शक्ति नगर निवासी केशव को देहरादून पुलिस ने सोमवार को पकड़ा है।
ये दोनों 25 अक्टूबर को प्रेमनगर के डूंगा गांव में रिटायर्ड मेजर जनरल लालजी देेवेंद्र सिंह के घर में परिजनों को बंधक बनाकर लूटपाट की थी, पुलिस काफी दिनों से दबिश दे रही थी।
घटना को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र के बाग में एक मकान में छिपकर रह रहे थे। पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। दोनों के पास से दो पिस्टल, लूटी गई कार और अन्य सामन बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक दोनों देहरादून में कोई बड़ी लूट करने वाले थे। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाश जिस घर में वारदात करते थे परिजनों को पिस्टल हाथ में लेकर पाकिस्तान का आतंकी बताकर डराते थे। पुलिस भी इस बात में उलझी थी कि आतंकी बताकर कौन लूट कर रहा है।
प्रदीप ठगी करने का मास्टर रहा है। नहटौर क्षेत्र के एक बैंक में कुछ दिन तक उसने क्लर्क की नौकरी की, बाद में बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों से करीब 52 लाख रुपये ठग कर फरार हो गया। नहटौर थाने में उसके खिलाफ ठगी की रिपोर्ट भी दर्ज है।
कई और मुकदमे भी उस पर दर्ज हैं। पुलिस की माने तो प्रदीप ने ही अपने साथ केशव को धन कमाने के लालच जोड़ा था। प्रदीप एमएससी पास है। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाशों के परिजनों को उनके बारे में कुछ मालूम नहीं था।
उन्हें तो बस इतना पता था कि दोनों बाहर कोई काम करने गए हैं। जिले की पुलिस दोनों का रिकार्ड खंगालने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक बरामद कार बदमाशों ने अफजलगढ़ इलाके में लूटी थी। इस कार को दिल्ली से दोनों बदमाश बुक करके लाए थे। कार को लूट की वारदातों में इस्तेमाल कर रहे थे।