बिजनौर में जिलाधिकारी के आवास के निर्माण में घपला होने से हड़कंप मच गया। इस कोठी का निर्माण सरकारी संस्था पैकफेड की देखरेख में कराया गया है। जरा सी बारिश में यह कोठी टपकने लगती है। छत से ही नहीं दीवारों से पानी रिसता है। डीएम ने इस कोठी के निर्माण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। साथ ही पुलिस को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
तत्कालीन जिलाधिकारी अजयदीप सिंह के कार्यकाल के दौरान डीएम की इस नई कोठी का निर्माण शुरू हुआ था। करीब 500 गज में बनी इस कोठी को उत्तर प्रदेश विधायन एवं निर्माण सहकारी संघ ( पैकफेड) ने 85 लाख रुपये में बनाया। गजब तो यह है कि डीएम के लिए बनी इस कोठी में भी धांधली का खूब खेल हुआ। कोठी के निर्माण के दौरान किसी अफसर ने भी यह देखना मुनासिब नहीं समझा कि कोठी के निर्माण में भी खेल हो रहा है या नहीं। कोठी के निर्माण के दौरान अफसरों का डीएम कंपाउंड में खूब आना जाना रहता था। हालांकि किसी की नजर कोठी में हुए घपले के खेल पर नहीं पड़ी। किसी ने निर्माण की गुणवत्ता की ओर भी ध्यान नहीं दिया। निर्माण करने वाली संस्था पैकफेड धांधली का अपना खेल करने में लगी रही।
डीएम रहे वीके आनंद ने रहने के लिए इस कोठीअशोक मधुप को ही चुना था, पर वह ज्यादा समय नहीं रहे। डीएम बी चंद्रकला आईं। कोठी में शिफ्ट होने के दौरान बारिश ने घपले की सारी पोल खोलकर रख दी।
कोठी की छत, दीवार और फर्श के पास पानी रिसता देख उनके होश उड़ गए। कोठी में हुए घपले से डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने अफसरों से कोठी के निर्माण की पूरी जानकारी ली। डीएम ने तुुरंत ही नई कोठी को छोड़ दिया और पुरानी कोठी को ज्यादा सुरक्षित समझ उसमें शिफ्ट हो गईं।
डीएम बी चंद्रकला ने नई कोठी के निर्माण की जांच के निर्देश दिए। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विशाल कुमार की देखरेख में कोठी की जांच के लिए तीन सदस्यीय अधिशासी अभियंताओं की टीम गठित की गई है। जांच टीम में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण , आरईएस और हाइडिल को शामिल किया गया है। डीएम बी चंद्रकला के अनुुुुसार पैकफेक संस्था के खिलाफ बिजनौर कोतवाली में घटिया निर्माण कराने के मामले में नाजिर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गठित टीम जांच करने में जुटी है।