बिजनौर। जाम व धरना में शामिल होने बिजनौर आ रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को पुलिस ने शनिवार सुबह बैराज पर रोकने की कोशिश की, लेकिन वे साढ़े ग्यारह बजे धरना स्थल पर पहुंच गए।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सांसद भारतेंद्र
पोस्टमार्टम के समय ही सांसद भारतेंद्र सिंह व पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश वहां पहुंच गए। दोनों पोस्टमार्टम के बाद वहां से भीड़ के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर डटे रहे।
नहीं दिखे साकेंद्र
शनिवार के दिन पूरे घटना क्रम के दौरान कहीं भी जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र चौधरी नहीं दिखे। न तो वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और न ही धरनास्थल पर। शुक्रवार की रात धरनास्थल पर जरूर आए थे।
कोतवाल प्रेमवीर राणा की बहाली की मांग
जाम व धरने के दौरान कई वक्ताओं ने तो मंत्री अतुल गर्ग व लोकेंद्र चौहान पर हमले के मामले में सस्पेंड किए गए कोतवाल प्रेमवीर राणा की भी बहाली की मांग की है। उनका कहना है कि कोतवाल प्रेमवीर राणा को क्यों सस्पेंड किया गया, वह तो मौके पर मौजूद भी नही थे। मामले में सस्पेंड करना था सिविल लाइन चौकी इंचार्ज को करना था।
मौके पर ही डटे रहे कोतवाल
सस्पेंड किए गए कोतवाल प्रेमवीर राणा शुक्रवार की रात व शनिवार को भी मौके पर बिना वर्दी के डटे रहे। जब डीएम जगतराज व एसपी अतुल शर्मा मौके पर पंहुचे तो कोतवाल प्रेमवीर राणा भी उनके साथ धरने में बैठ गए। वहां देखने से ऐसा लग रहा था कि मानो वह धरने व जाम में शामिल हो।
नहीं मौजूद रही महिला पुलिस
जाम व धरना स्थल पर एक भी महिला सिपाही मौजूद नहीं रही। मौके पर सिर्फ चांदपुर सीओ अंशु जैन ही मौजूद रही। जब पुलिस पूर्व विधायक रुचि वीरा को गिरफ्तार करने उनके कैंप कार्यालय पर पहुंची तो वहां भी महिला पुलिस नहीं थी।
गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाईं
डीएम जगतराज के अनुसार विधायक लोकेंद्र चौहान, उनके भाई सीपी सिंह व पूर्व विधायक रुचि वीरा को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस द्वारा चार टीमें बनाई गई हैं। चारों टीमें गिरफ्तार करने के लिए दबिशें भी दे रही हैं। डीएम के मुताबिक पुलिस ने किरतपुर से दो को गिरफ्तार भी कर लिया है, लेकिन उन्होंने उनका नाम बताने से इंकार कर दिया।
हार्ट अटैक से हुई मौत
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जसवंत सिंह के पोस्टमार्टम के तीन चिकित्सकों की टीम बनाई गई थी। टीम में एसीएमओ डा.रोहताश सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन डा.योगेंद्र तिरखा व डा.रजनीश शर्मा मौजूद रहे। चिकित्सकों के अनुसार जसवंत सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद रहा भारी पुलिस बल
पूरी रात हंगामे के बाद सुबह करीब छह बजे जसवंत सिंह का शव पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। इस दौरान पांचों एसडीएम, सीओ भारी पुलिसबल व पीएसी के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे।