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छोईया नदी में छोड़ ा जा रहा पानी

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बिजनौर। छोईया नदी में डाले जा रहे केमिकलयुक्त पानी को छुपाने के लिए फैक्ट्री मालिकों से मिलकर सिंचाई विभाग के अफसरों ने खेल शुरू कर दिया है। छोईया नदी में बेवजह ही नहरों का पानी छोड़कर केमिकलयुक्त पानी को फैक्ट्री से हटा दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने अफसरों की टीम के साथ कुम्हैड़ा बैराज पर पहुंचकर इस खेल को पकड़ा। हरिद्वार से सिंचाई विभाग के अफसरों को वहां बुला लिया। भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी देकर अफसरों को वहां से भेजा गया। इस दौरान बड़ी तादाद में गांव वाले मौजूद रहे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने छोईया नदी मेंस फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी छोड़ने के खिलाफ बीड़ा उठा रखा है। केंद्रीय राज्यमंत्री डा.सत्यपाल सिंह के सामने भी वह इस मुद्दे को उठा चुके हैं। एनजीटी दिल्ली की टीम से भी इसकी जांच कराई। छोईया नदी में केमिकलयुक्त पानी डालने से आसपास के गांवों में कैंसर की बीमारी फैल रही है। पानी पीने से पशु भी बीमार रहते हैं। पिछले दो दिनों से अचानक छोईया नदी में पानी आ गया। यह देख जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी के कान खड़े हो गए। उन्हें लगा कि छोईया नदी में पानी केमिकलयुक्त पानी को छिपाने के लिए जान बुझकर छोड़ा गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी अपनी टीम के साथ बृहस्पतिवार को कुम्हैड़ा बैराज पर अफसरों को लेकर पहुंच गए और देखा कि बैराज से छोईया नदी में बेवजह पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि छोईया नदी में पानी छोड़ जाने की कोई जरूरत नहीं थी। कुम्हैड़ा बैराज से निकलने वाले मुख्य माईनर में 600 क्यूसेक से ज्यादा पानी चलता है। इस समय केवल 310 क्यूसेक पानी ही चल रहा है। 50 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोईया नदी में छोड़ा गया है। छोईया नदी में बरसात के समय तब पानी छोड़ा जाता है जब गंगा व नदी उफान पर रहती हैं। नहरों में पानी छोड़ने के साथ छोईया नदी में भी पानी छोड़ा जाता है। अप्रैल माह में छोईया नदी में पानी छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।

बिना अनुमति नदी में नहीं छोड़ा जाए पानी
जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने सिंचाई विभाग के हरिद्वार से एक्सईएन बीपी यादव व एसडीओ को मौके पर बुला लिया। दोनों अफसरों ने कहा कि हल्दौर नहर कहीं टूटने के कारण उसमें पानी नहीं छोड़ा गया है। छोईया नदी में पानी छोड़ दिया गया। हो सकता है कि किसी कर्मचारी ने यह गड़बड़ी कर दी हो। भविष्य में ऐसी कोई बात नहीं होगी। उन्होंने छोईया नदी में डाले जाने वाले पानी को तत्काल बंद करा दिया है। कर्मचारियों को भी चेतावनी दी कि छोईया नदी में पानी बिना अफसरों से मालूम किए नहीं छोड़ा जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी के मुताबिक फैक्ट्री स्वामियों के कहने पर छोईया नदी में नहर का पानी छोड़ा गया है ताकि नदी से केमिकलयुक्त पानी साफ हो जाए। जांच में इसका पता न चले। इस पानी की जांच के लिए कई टीम आने वाली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री स्वामी हर बार ही केमिकलयुक्त पानी के खिलाफ आवाज उठने पर ऐसा करते आए हैं।
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