नजीबाबाद। वैदिक पंडित मयंक भारद्वाज ने बताया कि हिंदू धर्म में पवित्र माने जाने वाला सावन मास इस साल 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन में कई शुभ संयोग बन रहे हैं।
पंडित भारद्वाज ने बताया कि सावन के पहले दिन ही शिववास योग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में भगवान शिव-माता पार्वती के साथ कैलाश पर विराजते हैं। इस दिन जलाभिषेक से सुख-समृद्धि और मनचाहा वरदान मिलता है। सावन शुक्ल पंचमी यानी नागपंचमी 17 अगस्त, सोमवार को पड़ेगी। करीब 23 साल बाद सोमवार को नागपंचमी का संयोग बना है, इसलिए तीसरे सोमवार का विशेष महत्व है। इस साल सावन में चार सोमवार होंगे 3, 10, 17 और 24 अगस्त। ज्योतिषीय दृष्टि से भी सावन खास है। इस दौरान बुध, शुक्र, मंगल और सूर्य राशि बदलेंगे, जबकि शनि वक्री रहेंगे। इसका असर मेष, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।