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Bijnor News: बहावड़ी में चुनावी रंजिश का खूनी खेल, 1999 से जारी हत्याओं का सिलसिला

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शामली क्षेत्र के गांव बहावड़ी गमजदा मृतक के परिजन । संवाद
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शामली। जिले के बहावड़ी गांव में चुनावी रंजिश का खूनी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 1999 में शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई में अब तक 10 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। बीते मंगलवार को दोघट क्षेत्र में पूर्व प्रधान बबली के पति विवेक मलिक उर्फ विक्की की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद एक बार फिर यह पुरानी रंजिश चर्चा में आ गई है।
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लगातार हो रही इन घटनाओं से गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने और रंजिश को खत्म करने के प्रयास करते तो शायद यह सिलसिला इतना लंबा नहीं चलता।

चुनावी रंजिश का लंबा इतिहास

बहावड़ी गांव में वर्षों से दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चली आ रही है। गांव में यशपाल मलिक और देवेंद्र मलिक पक्ष के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा धीरे-धीरे खूनी रंजिश में बदल गई।
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वर्ष 1999 में ग्राम प्रधान की चुनावी रंजिश के चलते जितेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों का फैसला हो गया था। इसके बाद वर्ष 2000 और 2001 में यशपाल पक्ष के यशपाल और सुरेश मलिक की गोली मारकर हत्या की गई थी। वर्ष 2011 में बिजेंद्र की गोली मारकर कर दी गई थी। इसके बाद धर्मेंद्र, देविंद्र की हत्या की गई थी। इसी तरह तेजपाल, रणवीर की भी हत्या की गई। इस तरह दोनों पक्षों के बीच बदले की कार्रवाई का दौर शुरू हो गया। समय-समय पर एक के बाद एक हत्याएं होती चली गईं और यह रंजिश लगातार गहराती गई। चुनाव के समय यह तनाव और भी बढ़ जाता है।

मौतों का सिलसिला बना गांव की पहचान



पिछले दो दशकों में बहावड़ी गांव कई सनसनीखेज हत्याओं का गवाह बन चुका है। रंजिश के कारण कई परिवार उजड़ चुके हैं। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़कर कई बार हिंसक रूप ले लेते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि हर घटना के बाद कुछ समय के लिए पुलिस की सख्ती जरूर बढ़ती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाने के कारण रंजिश फिर सिर उठा लेती है।



प्रशासन की भूमिका पर उठते सवाल



लगातार हो रही हत्याओं के बावजूद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने और शांति बनाए रखने के ठोस प्रयास किए जाते तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।

लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में ग्राम स्तर पर शांति समितियों को सक्रिय करना, दोनों पक्षों की गतिविधियों पर निगरानी रखना और पुराने विवादों का समय रहते समाधान करना जरूरी है।

बहावड़ी में रंजिश के चलते हुई प्रमुख हत्याएं



वर्ष 1999 में जितेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या



वर्ष 2000 में सुरेश मलिक की गोली मारकर हत्या।



वर्ष 2001 में उनके भाई यशपाल मलिक की खेत में हत्या।



गांव के तेजपाल पुत्र आनंद की गोली मारकर हत्या।

रंजिश में छह वर्षीय बच्चे की भी गोली मारकर हत्या।



रणवीर पुत्र महेंद्र की हत्या।

वर्ष 2011 में देवेंद्र के भाई बिजेंद्र की शामली से गांव लौटते समय हत्या।



11 जुलाई 2013 को पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र मलिक की कचहरी परिसर में हत्या।

इसके बाद बिल्लू की गोली मारकर हत्या



वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर कोर्ट में हिस्ट्रीशीटर विक्की त्यागी की हत्या।

हाल ही में दोघट में विवेक मलिक उर्फ विक्की की गोली मारकर हत्या।



कचहरी परिसर में भी हो चुकी दो हत्याएं



बहावड़ी गांव की रंजिश कचहरी परिसर तक पहुंच चुकी है। 11 जुलाई 2013 को पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र मलिक की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही सगे भाइयों अजय और सागर ने पिता सुरेश मलिक की हत्या का बदला लेने की बात कहते हुए सरेंडर कर दिया था।

बाद में दोनों को नाबालिग मानते हुए आर्यपुरी स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया। 15 अप्रैल 2014 को दोनों आरोपी अन्य किशोरों के साथ सुधार गृह से फरार हो गए थे। बाद में अजय मलिक ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि सागर लंबे समय तक फरार रहा। इसके अलावा वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर कोर्ट में हिस्ट्रीशीटर विक्की त्यागी की हत्या की गई थी।

विवेक के खिलाफ भी दर्ज हैं कई मामले



एसपी के अनुसार मारे गए विवेक मलिक के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे और उसकी कोतवाली में हिस्ट्रीशीट खुली हुई थी। उस पर सबसे पहले वर्ष 1999 में फुगाना थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2000 में तीन और हत्या के मामले दर्ज हुए थे। उसने वर्ष 2000 में सिपाही परमानंद की भी हत्या की थी।

रिश्तेदारी में ही तय की थी शादी

पूर्व प्रधान बबली ने बताया कि दोघट निवासी सतेंद्र पंवार की बेटी नेहा की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए विवेक और परिवार के अन्य सदस्य गए थे। बताया कि सतेंद्र उनके दूर के रिश्तेदार हैं। उन्होंने ही शादी तय कराई थी।
-फिलहाल दोनों परिवारोें के बीच झगड़े जैसी कोई बात नहीं थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए बागपत पुलिस का सहयोग किया जा रहा है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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-एनपी सिंह, एसपी शामली
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