बिजनौर में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने मां आयशा और बेटी पूजा की क्रूरतापूर्वक दिनदहाड़े हत्या करने का दोषी पाते हुए अमजद को फांसी की सजा सुनाई है। अमजद युवती पूजा का फुफेरा भाई लगता था। सरेबाजार की गई हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार गांव अलीपुरा निवासी सलमान ने थाना नजीबाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इस हत्याकांड से तीन-चार दिन पहले अमजद निवासी मंडावली ने उसकी बहन पूजा को फोन किया था। इस पर सलमान के पिता मुस्तकीम ने अमजद और उसके पिता जकरीया को बुलाकर भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने के लिए कहा था। 20 जून 2015 को जब सलमान अपनी मां आयशा व बहन पूजा को मोटरसाइकिल से लेकर तहसील से अपने घर गांव अलीपुरा आ रहा था।
दोपहर दो बजे हरिद्वार रोड से गांव की तरफ मुड़ा तो इमरान की ब्रेकरी के सामने उसकी फूफी का लड़का अमजद हाथ में छुरा लिए हुए मिला। मोटरसाइकिल रोककर मां आयशा से कहा कि तुम मेरे और पूजा के बीच दीवार बन रही हो। आज मैं तुम दोनों मां-बेटी को खत्म कर देता हूं। यह कहकर अमजद ने सलमान की मां आयशा व बहन पूजा को छुरी से गोद-गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।