यूपी बोर्ड के स्कूलों में पूरा नहीं हो सका कोर्स
बिजनौर। यूपी बोर्ड के विद्यालय कोरोना के कारण बंद हैं। विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई होने का दावा हो रहा है, लेकिन अनेक विद्यार्थी इससे वंचित हैं। अभिभावक तथा विद्यार्थी विषयों के कोर्स पूरा नहीं होने से चिंतित हैं। जिला अभिभावक संघ मामले को शासन तथा प्रशासन के समक्ष उठाएगा।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय हैं। जिनमें कक्षा छह से 12 तक के करीब सवा लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 50 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कोरोना के कारण विद्यालय बंद हैं। शासन ने विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश हैं। शिक्षकों को विद्यालय में आकर ऑनलाइन पढ़ाई कराने को कहा गया है। कोरोना के कारण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा नहीं हुई थी। 2022 की परीक्षा विधानसभा चुनाव के बाद कराने की तैयारी है। इससे पहले हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्री बोर्ड परीक्षा भी होनी है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी तेजी से चल रही है। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अंतिम चरण में है। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में आई तेजी से छात्रों व अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
आरोप है कि बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के अभी तक विषयों के कोर्स पूरे नहीं हुए हैं। प्रयोगात्मक कार्य भी अधूरे हैं, यह कार्य ऑनलाइन नहीं हो सकता है। विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई का पूरा लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है। अनेक छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्ट फोन नहीं हैं।
आनलाइन पढ़ाई हो रही है
डीआईओएस कार्यालय का दावा है कि विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। विभाग विद्यालयों से ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े छात्रों की संख्या इकट्ठा करने में लगा है। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार विद्यालयों को सभी विषय का कोर्स समाप्त करने के निर्देश पहले ही दे दिए गए हैं। प्री बोर्ड परीक्षा कराने के भी निर्देश हैं। कोर्स पूरा नहीं होने पर कार्रवाई होगी।
अभिभावक संघ मामला उठाएगा
जिला अभिभावक संघ के अध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि यूपी बोर्ड के विद्यालयों में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र पढ़ते हैं। अनेक छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन स्मार्ट फोन आदि नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई में खानापूर्ति हो रही हैं। वित्त विहीन विद्यालय की ऑनलाइन पढ़ाई की हालत ठीक नहीं है। ऐसे में यह ग्रामीण छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। मांग कि कोर्स पूरा कराने की वैकल्पिक व्यवस्था हो। संघ मामले को डीएम से लेकर शासन तक उठाएगा।