बिजनौर। जलालपुर काजी में देशराज उर्फ छोटे और उनकी पत्नी सुषमा की मौत की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस इसे हत्या और आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। मंगलवार को देशराज का शव फंदे पर लटका मिला था, जबकि उनकी पत्नी सुषमा का शव गंगा में बंधा हुआ पाया गया था। पुलिस अब इस मामले में तीन मछुआरों से पूछताछ कर रही है और मोबाइल टॉवर के डेटा का विश्लेषण कर रही है।
सोमवार को देशराज और सुषमा खेत पर गए थे। अगले दिन मंगलवार को गंगा तट के पास देशराज का शव एक पेड़ से लटके फंदे पर मिला। वहीं, सुषमा का शव गंगा के पानी में गिरे शहतूत के पेड़ से बंधा हुआ था। सुषमा के शरीर से सलवार गायब थी, जो देशराज ने पहन रखी थी। देशराज के अपने कपड़े भी गायब थे। शुरुआत में यह अनुमान लगाया गया था कि हत्यारोपियों ने ही देशराज को सलवार पहनाई होगी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देशराज की मौत फंदे पर लटकने से हुई बताई गई। सुषमा की गला घोंटकर हत्या की गई थी। पुलिस का शुरुआती मानना था कि देशराज ने ही पत्नी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली। लेकिन कपड़ों के गायब होने की बात ने इस थ्योरी को उलझा दिया है।
पुलिस ने अब गंगा खादर में दो दिनों से डेरा डाल रखा है। इसका उद्देश्य देशराज के गायब कपड़ों को ढूंढना है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना स्थल पर दंपती के अलावा कोई और व्यक्ति मौजूद था या नहीं। इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए मोबाइल टॉवर का बीटीएस डेटा हासिल किया गया है।
-मछुआरों से पूछताछ और अधिकारियों का दौरा
घटना वाले दिन गंगा में मछली पकड़ने पहुंचे तीन मछुआरों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। इन मछुआरों से घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी संभावित सुराग छूटे नहीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी और डीआईजी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को जटिल बनाया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और जटिल बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, देशराज की मौत फंदे पर लटकने से हुई है। वहीं, सुषमा की मौत गला घोंटने के कारण हुई। देशराज के शरीर पर सुषमा की सलवार मिलना और उनके अपने कपड़े गायब होना एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।
वर्जन:::
घटनास्थल के पास छानबीन जारी है। यह भी आशंका है कि मृतक के कपड़े गंगा में बह गए होंगे। फिर भी हकीकत जानने के लिए सर्विलांस की टीम को लगाया है।
-केके बिश्नोई, एसपी बिजनौर