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खुले परिषदीय स्कूल, पहले दिन कम पहुंचे विद्यार्थी

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खुले परिषदीय स्कूल, पहले दिन कम पहुंचे विद्यार्थी
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बिजनौर। ग्रीष्मावकाश खत्म होने पर बृहस्पतिवार को जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र आरंभ हो गया। विद्यालय खुलने के पहले दिन जिले में करीब बीस प्रतिशत ही छात्र-छात्राएं पढ़ने पहुंचे। उन्हें विद्यालयों में लाने के लिए शिक्षक-शिक्षिकाएं गांवों में तलाशते रहे। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पंजीकृत छात्रों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें पढ़ने के लिए विद्यालय में भेजने को प्रेरित किया।
इस बार परिषदीय विद्यालय जुलाई की जगह 16 जून को खुले हैं। वजह, सर्दियों में हुए परिषदीय विद्यालयों के करीब 15 दिनों के अवकाश को ग्रीष्मावकाश से कम किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय खुलने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन पहले दिन बहुत काम छात्र-छात्राएं विद्यालयों में पहुंचे। किसी विद्यालय में चार छात्र पढ़ाई को पहुंचे, तो कहीं छह, कहीं 15 छात्र-छात्राएं स्कूलों में पहुंचे। विद्यालयों में पहले दिन खेल-खेल व नवाचार के माध्यम से छात्रों को पढ़ाया गया है।
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गांव कादरपुर जसवंत उर्फ तीबड़ी के प्राथमिक विद्यालय में 101 के सापेक्ष सिर्फ चार छात्र-छात्राएं ही पढ़ने को पहुंचे। स्टाफ का कहना है कि काफी छात्रों के घर जाकर अभिभावकों से उन्हें पढ़ने के लिए भेजने को प्रेरित किया। परंतु पहले दिन छात्रों की उपस्थिति कम रही है। धामपुर क्षेत्र के गांव जैतरा के प्राथमिक विद्यालय (प्रथम ) में बृहस्पतिवार को शैक्षिक सत्र शुरू हुआ। शिक्षकों ने एक दिन पहले गांवों में छात्रों के अभिभावक से संपर्क कर उन्हें स्कूल भेजने को कह दिया गया था। फिर भी पहले दिन स्कूल में 54 नामांकित बच्चों में से चार ही आए। प्रधानाध्यापक अखिलेश देवी ने बताया कि हमारा सारा स्टाफ ड्यूटी पर है और बच्चों को बुलाने की कोशिश की जा रही है।
यहां पढ़ने पहुंचे 17 छात्र-छात्राएं
धामपुर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय 156 छात्र-छात्राए पंजीकृत हैं, लेकिन पहला दिन होने के कारण 15 छात्र ही पढ़ाई के लिए विद्यालय में आए है। जूनियर विद्यालय में 96 छात्र-छात्राएं हैं, जिसमें से 17 छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए आए हैं।
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परिषदीय विद्यालयों के पहले दिन छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही है। स्टाफ घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को पढ़ने के लिए विद्यालयों में भेजने को प्रेरित कर रहा है। विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति शत प्रतिशत करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं
- जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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