-हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र के कारण नहीं मिल रही मिट्टी उठाने की अनुमति
-अभ्यारण्य क्षेत्र के बाहर से मिट्टी लाने में छूट रहे निर्माण एजेंसी के पसीने
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेरठ से नजीबाबाद तक नेशनल हाईवे को फोरलेन किया जाना है। परियोजना के दूसरे चरण में अब बहसूमा से बिजनौर तक हाईवे के फोरलेन का काम चालू किया गया। मगर, अब मिट्टी उठाने की एनओसी के फेर में निर्माण अटक गया है। दरअसल, हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य की वजह से मिट्टी उठाने की अनुमति मिलने में देरी हो रही है।
बहसूमा से लेकर बिजनौर तक और बिजनौर बाईपास का निर्माण चालू किया गया था। जगह-जगह मिट्टी डालकर सड़क बनाने के लिए आधार तैयार किया जाना लगा। उधर, बिजनौर बैराज पर एक और पुल बनाने की तैयारी की जा रही है।
बिजनौर बैराज पर करीब 3 किलोमीटर लंबा पुल बनाया जाना है। इसके दोनों और पहुंच मार्ग मिट्टी डालकर बनाया जाएगा। पुल के दोनों और सड़क बनाने के लिए मिट्टी डालने का काम शुरू किया गया तो एनओसी का अड़ंगा लग गया।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों की माने तो सड़क निर्माण में मिट्टी उठाने के लिए 20 जगह से अनुमति मांगी गई थी। इसमें प्रशासन ने मिट्टी उठाने की अनुमति दे दी लेकिन वन विभाग ने हस्तिनापुर वन्य जीव अभयारण्य का हवाला देते हुए आपत्ति जता दी। इसकी वजह से उक्त सभी जगह से मिट्टी नहीं उठ सकी और सड़क का निर्माण बंद करना पड़ा।
उधर हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग की ओर से कहा गया है कि वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र के बाहर से मिट्टी आनी चाहिए।
25 से 30 जगह से मिट्टी उठाकर हाईवे निर्माण के लिए डालने की फाइल चल रही है, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। वन विभाग हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र का हवाला दे रहा है। ऐसे में कई दिनों से हाईवे निर्माण का काम बंद है। नगर मिट्टी नहीं मिली तो परियोजना के पूरा होने में दिक्कत खड़ी हो जाएगी। .... आशीष शर्मा, एसडीओ नेशनल हाईवे अथॉरिटी