करोड़ों के घोटाले में समिति की प्रबंध कमेटी सस्पेंड
बिजनौर। किसान सेवा सहकारी समिति फीना के मिनी बैंक में हुए करोड़ों के गबन मामले में समिति की प्रबंध कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में आरोपी कुछ अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
जिले की फीना सहकारी समिति के मिनी बैंक में डेढ़ करोड़ से अधिक का घोटाला सामने आया है। इसका शिकार समिति के हजारों किसान खातेदार हुए हैं। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। जांच समिति में सहकारिता विभाग के दो अपर जिला सहकारी अधिकारी तथा जिला सहकारी बैंक के उप महाप्रबंधक शामिल थे।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी के अनुसार जांच समिति ने पाया कि गबन वर्ष 2013-14 से वर्ष 2019-20 तक हुआ है। अभिलेखों मे हेराफेरी की गई थी। जांच में तत्कालीन प्रभारी एमडी लक्ष्य कुमार गबन के मुख्य आरोपी हैं। जांच समिति ने माना है कि समिति की प्रबंध कमेटी द्वारा आरोपी लक्ष्य कुमार को पूर्ण संरक्षण देकर गबन में सहयोग दिया गया है। लक्ष्य कुमार वर्ष 2007-08 में भी 19 लाख से अधिक का गबन कर चुके हैं
सहायक निबंधक ने बताया कि जांच रिपोर्ट आख्या सहित संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक मुरादाबाद मंडल को भेजी गई थी, जिस पर विनोद कुमार संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने सहकारी समिति फीना की प्रबंध कमेटी द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने के आरोप में कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
समिति के कामकाज के लिए अंतरिम प्रबंध कमेटी बनी
बिजनौर। सहकारी समिति फीना की प्रबंध कमेटी को गबन के मामले में निलंबित करने के बाद समिति के कार्यकलापों के संचालन के लिए अंतरिम प्रबंध कमेटी गठित की गई है। अमित कुमार त्यागी ने बताया कि संयुक्त आयुक्त सहकारी समिति के निर्देश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी बिजनौर सुनील सैनी, अपर जिला सहकारी अधिकारी चांदपुर ब्रजभूषण, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता बिजनौर सुनील यादव तथा सहायक विकास अधिकारी नजीबाबाद जयवीर सिंह राठी नामित सदस्य हैं ।