मुफ्त राशन पर डीलरों से लिया जा रहा कमीशन, अफसरों पर उठी अंगुली
बिजनौर। कोरोना काल में लोगों को राहत देने के लिए बांटे जा रहे राशन पर 64 रुपये प्रति क्विंटल का कमीशन राशन डीलरों से लिया जा रहा है। भाजपा के नहटौर विधायक ओमकुमार ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही राहत पर पूर्ति विभाग के अफसर कमीशन का खेल खेल रहे हैं। विधायक का दावा है कि जब उन्होंने डीएम व जिला पूर्ति अधिकारी से शिकायत की तो उनके विधानसभा क्षेत्र में राशन डीलरों का पैसा वापस कर दिया गया। वहीं डीएम ने केवल शिकायत मिलने की बात स्वीकारी है, जबकि जिला पूर्ति अधिकारी ने मामला संज्ञान में होने से ही इंकार कर दिया है।
मार्च में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन लगा दिया गया था। तब सरकार ने हर परिवार को प्रति सदस्य पांच-पांच किग्रा अनाज मुफ्त देने की घोषणा की थी। फ्री राशन देने की योजना को केंद्र सरकार ने नवंबर तक बढ़ा दिया था। जिले में करीब छह लाख राशनकार्ड धारक हैं। इन परिवारों को महीने में एक बार शासन द्वारा निर्धारित रुपये लेकर राशन दिया गया तो महीने मेें दूसरी बार निशुल्क राशन मिला। निशुल्क राशन वितरण में बहुत अनियमितताएं भी बरती गईं। कई जगह पर राशन डीलरों ने निशुल्क अनाज बांटा ही नहीं और कई जगह कम राशन बांटा गया। कई राशन डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
अब भाजपा विधायक ओमकुमार ने पूर्ति विभाग के अफसरों पर ही राशन वितरण में कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए डीएम रमाकांत पांडेय व जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर महीने मुफ्त बांटे जाने वाले राशन में 64 रुपये प्रति क्विंटल की रिश्वत राशन डीलरों से ली जा रही है। जब राशन डीलरों से ही रिश्वत ली जाएगी तो वे इसकी पूर्ति जनता से करेंगे। इससे जनता का शोषण होता है। विधायक का कहना है कि डीएम व जिला पूर्ति अधिकारी से शिकायत करने के बाद नहटौर विधानसभा क्षेत्र में कमीशनखोरी का यह पैसा अफसरों ने वापस करा दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि पूरे जिले में कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। सब आंखें मूंदें बैठे हैं। इसकी शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी।
महीना गेहूं चावल
अप्रैल 00 12447.641
मई 00 12447.641
जून 00 12393.268
जुलाई 7435.961 4957.307
अगस्त 7474.584 4983.056
सितंबर 7439.561 4980.560
अक्तूबर 7440.552 4981.561
नोट: आंकड़े पूर्ति विभाग से लिए गए हैं। आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।
वर्जन
शिकायत तो मिली थी
विधायक ओमकुमार ने मुझसे शिकायत जरूर की थी। लेकिन कोई 64 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन कैसे ले सकता है। अगर यह बात साबित हो जाए तो पैसा लेने वाले अधिकारी को जेल भेजेंगे।
- रमाकांत पांडेय, डीएम
मामला संज्ञान में नहीं
राशन डीलरों से पैसे मांगने का मामला मेरे संज्ञान में ही नहीं है। मैंने किसी के पैैसे वापस भी नहीं कराए हैं। इस मामले में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी