बिजनौर। वित्तीय वर्ष समाप्ति से एक दिन पहले विभिन्न विभागों की तरह बेसिक शिक्षा विभाग में भी बजट भेजा गया। 30 मार्च को स्कूलों को कई मदों में बजट आवंटित किया गया, जिसे खर्च करने का शिक्षकों पर दबाव रहा। जिन्होंने इस बजट को खर्च कर दिया तो ठीक नहीं तो धनराशि वापस हो जाएगी।
पूरे साल स्कूल बजट के लिए तरसते रहते हैं लेकिन वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में शासन से बजट जारी किया जाता है। इससे शिक्षकों को बजट खर्च करने का दबाव बना रहता है। वे जैसे-तैसे इसके पीपीए (प्रिंट पेमेंट एडवाइज) तैयार करके आनन-फानन में बजट का उपयोग करते हैं। बुधवार से शुरू होने वाले स्कूल चलो अभियान के लिए 2500 रुपये, एसएमसी प्रशिक्षण के लिए 1100 रुपये प्रति स्कूल तथा कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लैब के लिए 12 हजार रुपये का बजट 30 मार्च को भेजा गया।
शिक्षक इस बजट के पीपीए तैयार करने में जुटे रहे। कुछ शिक्षक पीपीए तैयार नहीं कर पाए, जिस कारण वित्तीय वर्ष बीतते ही इस बजट का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।