कलक्ट्रेट में अफसरों के साथ बैठक करते डीएम रमाकांत पांडेय।
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स्वच्छता है स्वस्थता व पवित्रता का प्रतीक : डीएम
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थता एवं पवित्रता का प्रतीक है। जहां स्वच्छता होगी वहां स्वास्थ्य होगा और शारीरिक एवं अध्यात्मिक पवित्रता भी निश्चित रूप से पाई जाएगी। जिले को ओडीएफ बनाने और उसे कायम रखने में जिले वासियों ने सराहनीय कार्य किया है।
डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में शौचालय निर्माण की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीपीआरओ सतीश कुमार को शौचालय निर्माण के कार्य को पूरी गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ संचालित कराने के निर्देश दिए। कहा कि अगर इसमें देरी हुई तो इसका प्रभाव जिले की ओडीएफ श्रेणी पर प्रतिकूल रूप से पड़ेगा। उन्होंने एनओएलबी के तहत निर्गत धनराशि की समीक्षा करते हुए पाया कि 10919 लाभार्थियों के सापेक्ष शत प्रतिशत रूप से सभी लाभार्थियों को इज्जतघर निर्गत कर दिए गए हैं। सभी को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत धनराशि का आवंटन भी कर दिया गया है। सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सुजल एवं स्वच्छ गांव प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूर्ण गुणवत्ता एवं मानक के अनुरूप संचालित कराएं। कोई भी ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव प्रशिक्षण प्राप्त करने से वंचित न रहने पाए। उन्होंने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन घटक के अंतर्गत ठोस एवं तरल रिसोर्स मैनेजमेंट के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति समीक्षा की गई। बैठक में सीडीओ केपी सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विजयप्रकाश श्रीवास्तव, बीएसए महेश चंद, जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव मौजूद रहे।