शहर कोतवाल और पैरोकार पर जुर्माना
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओपी वर्मा ने कोर्ट के आदेश के बाद भी साक्षी को अदालत में प्रस्तुत न करने पर बिजनौर थाने के प्रभारी निरीक्षक और पैरोकार पर 100-100 रुपये के हर्जाना उनके वेतन से वसूल करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय में सरकार बनाम राजा वाद 2014 से विचाराधीन है। साक्षी शाइस्ता के विरुद्ध गैर जमानती वारंट व अन्य गवाहों के विरुद्ध समन जारी किए थे।
इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर को निर्देशित किया गया था कि वह साक्षियों को निर्धारित तिथि 22 अक्तूबर को न्यायालय में पेश करें, लेकिन न तो वारंट की तामील शाइस्ता पर कराई गई और न ही किसी साक्षी पर नोटिस की तामील कराई गई। इस मामले में साक्षी शाइस्ता परवीन की तरफ से कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि साक्षी शाइस्ता अपने घर पर मौजूद है और उस पर जानबूझकर वारंट की तामील नहीं कराई गई। अदालत ने अपने आदेश में लिखा है कि शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा और पैरोकार अमित कुमार न्यायालय के आदेशों का तामिला कराकर न्यायालय में पेश करने में घोर लापरवाह हैं। कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर रमेश चंद शर्मा व पैरोकार अमित कुमार को साक्षी प्रस्तुत न करने पर धारा 309 सीआरपीसी के तहत 200 रुपये हर्जे पर कार्रवाई स्थगित की और 100-100 रुपये दोनों के वेतन से वसूलने के आदेश दिए।