बिजनौर। बदलती जीवनशैली का प्रभाव हर जगह देखने को मिल रहा है। बच्चों में आजकल टेढ़े और पतले दांत की समस्या बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण चिकित्सकों ने इच्चों के खानपान को बताया है।
मेडिकल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार छोटे बच्चों में टेढ़े मेढ़े दांत निकलना और पतले दांत की समस्या ज्यादा हो रही है। आज कल मां -बाप बच्चो को नरम चीजे जैसे पिज्जा, चॉकलेट, बर्गर आदि खिलाते है। जिसे खाने में उनके दांतों पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं पड़ता। ऐसा होने से मसूड़ों में दांत निकलने की जगह सिकुड़ जाती है। जिस कारण दांत को बाहर निकलने के लिए प्रयाप्त जगह नहीं मिल पाती। आज के समय में खाना खाने में 32 की जगह 28 दांतों का इस्तेमाल किया जाता है। अक्कल दाढ़ भी इससे प्रभावित हो रही है। इस समस्या की वजह से या तो दांत टेढ़े-मेढ़े निकलते हैं या दांत पतले रह जाते हैं।
कैसे करें बचाव
- बच्चों को पैक्ड फूड का सेवन न करने दें
- भोजन में फाइबर की मात्रा को बढ़ाएं
- ज्यादा मीठा बच्चों को न खाने दें
- डाइट में कच्ची गाजर, मूली, गन्ने जैसी चीजे जोड़ें
खाना चबाने से हो जाती है मसूड़ों की मसाज: डॉ शिरीन
दंत चिकित्सा विभाग मेडिकल कॉलेज के वशिष्ठ विभागाध्यक्ष डॉ. शिरीन ने बताया कि दांतों पर सही दबाव न पड़ने के कारण जबड़े का पूरा विकास नहीं होता है। इसका मुख्य कारण खानपान ही है। सख्त फल सब्जियां और घर के खाने से यह समस्या खत्म की जा सकती है। पूर्ण रूप से खाना चबाकर खाने से मसूड़ों की मसाज हो जाती है। इससे दांतों को बाहर निकलने के लिए प्रयाप्त जगह मिज जाती है।