बिजनौर। बदलते मौसम के बीच बच्चों में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 40 तक बच्चे निमोनिया से ग्रसित होकर इलाज कराने पहुंच रहे हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडी-गर्म चीजों के सेवन से बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। खासतौर पर ऐसे बच्चे जो एलर्जी से ग्रसित होते हैं। उनमें समस्या और गंभीर हो जाती है। एलर्जी के कारण उनकी श्वासनली सिकुड़ रही है। इससे सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही तेज बुखार, खांसी और सीने में दर्द जैसी समस्याएं भी हो रही है।
ऐसे में चिकित्सक अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर बच्चे को लगातार खांसी, बुखार, सांस फूलना या छाती में दर्द जैसी शिकायत हो, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर निमोनिया गंभीर रूप ले सकता है।