जल शक्ति अभियान के अंतर्गत गांवों में होंगी चौपाल पंचायतें
बिजनौर। केंद्र ने जल शक्ति अभियान को धार देने के लिए मुहिम शुरू की है। अभियान के अंतर्गत जल संचयन के लिए गांवों के आखिरी छोर तक अलख जगाई जाएगी। शासन की इस जनोपयोगी योजना के बारे में चौपालों पर पंचायत करके लोगों को बताया जाएगा।
जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने समाज के हर वर्ग को जल शक्ति अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए चेताया है कि यदि नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी को जल संकट का दंश झेलना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जल शक्ति अभियान अभियान महत्वाकांक्षी योजना है। शासन की मंशा है कि योजना घर-घर पहुंचे। लोग जल संचयन के लिए जागरूक हों। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया समेत हर वर्ग का सहयोग लिया जाए। केंद्र से इस बाबत निर्देश मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम ने प्रेस वार्ता में बताया कि जिला गंगा व रामगंगा के दोआबा में बसा है। हरियाली से आच्छादित है, लेकिन अधिक जल दोहन से जिले की प्राकृतिक सुंदरता को गृहण लगने लगा है। पृथ्वी के नीचे पानी कम पहुंचने से जिले के कई शहरों व ब्लॉक क्रिटिकल स्थिति होनी शुरू हो गई है। जल शक्ति अभियान के प्रथम चरण में नूरपुर व जलीलपुर ब्लॉक को लिया गया है। डीएम ने लोगों से अभियान का महत्व समझकर जुड़ने की अपील की है। बताया की अधिकारी व कर्मचारी गांव -गांव जाएंगे। चौपालों पर पंचायत करेंगे। हर व्यक्ति का यह निजी कार्यक्रम है। पानी की बरबादी रोंके। डीएम ने चेताया कि यदि नहीं जागे तो आने वाली पीढी को जल संकट से जूझना पडे़गा। इस मौके पर सीडीओ प्रवीण मिश्र, केंद्र से आए आईएएस अधिकारी टीके सामू, डीपीआरओ सतीश कुमार, आदि रहे।
किसान सिंचाई की परंपरागत रीति बदलें
जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने कहा कि जिले में 120 प्रतिशत जल दोहन है, जबकि आदर्श स्थिति 70 प्रतिशत है। जिले में 95 प्रतिशत पानी का प्रयोग खेती में हो रहा है। सिंचाई की परंपरागत तरीकों से हटकर चलना है। किसान सिंचाई की स्प्प्रिंगलर विधि अपनाएं। इससे पानी की बरबादी रुकेगी, साथ ही पैदावार भी बढे़गी। जल दोहन से बोरिंग की गहराई बढ़ती जा रही है। यह बेहद चिंता की बात है। प्रकृति ने हमें पानी प्रचुर मात्रा में दिया है। पानी को न तो बरबाद करें और न ही प्रदूषित करें।
दूषित पानी जमीन में नहीं जाने दिया जाएगा
बिजनौर। डीएम ने कहा है कि जल संकट रोकने के लिए कोलोनाईजर्स प्रशासन के रडार पर है। नई कॉलोनी काटते समय यह अनिवार्य होगा कि उसमें रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था हो। अभियान चलाकर पता लगाया जाएगा कि सोसायटी व कॉलोनी में वर्षा जल के संचयन की क्या व्यवस्था है। दूषित पानी जमीन में नहीं जाने दिया जाएगा। वाशिंग सेंटरों पर पेय जल का प्रयोग होते मिलने पर कार्रवाई होगी।
बरसात के बाद चलेगा अभियान
बान नदी को स्वच्छ बनाने का अभियान बरसात बाद चलेगा। निकायों में बड़े मकानों के मानचित्र बिना रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम के पास नहीं होंगे। जिले में 148 लक्ष्य के विपरीत 44 तालाबों की खुदाई हो गई है।
हर गतिविधियों की जानकारी देंगे केंद्र को
बिजनौर। केंद्र ने जल शक्ति अभियान की निगरानी के लिए आईएएस अधिकारी तैनात किए है। डीएम की प्रेस वार्ता में केंद्र से आए अधिकारी टीके सामू मौजूद रहे। केंद्र के नुमाइंदे हर गतिविधि की जानकारी केंद्र को देंगे।