धामपुर में लगेगा कूड़ा निस्तारण प्लांट
धामपुर। धामपुर में पालिका की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए जल्द ही 84 लाख रुपये की लागत से प्लांट लगेगा। प्लांट की स्थापना के लिए पालिका की ओर से प्रस्ताव तैयार कर धन आवंटन के लिए सरकार को भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही धन का आवंटन होगा। जैसे ही धन आवंटित होगा, काम शुरू कर दिया जाएगा।
पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता ने बताया कि उनका लक्ष्य पालिका को जिले की अन्य पालिकाओं की तुलना में शीशे की तरह से सफाई के मामले में चमकाना है। इसके लिए उनके स्तर से पूरी कैबिनेट के साथ काम किया जा रहा है। पहले उनके पास कूूड़ा निस्तारण कराने को जमीन नहीं थी, पर अब पालिका की ओर से नहटौर ओवर ब्रिज के पास जमीन की व्यवस्था हो गई है। यह जमीन पालिका की ही है। 84 लाख रुपये की लागत से इस जमीन में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट 2100 वर्ग मीटर जमीन में लगेगा। प्लांट के चालू होने से नगर की गंदगी दूर होगी।
पालिका को कोई कर्मचारी नहीं हटेगा: पालिकाध्यक्ष
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि प्लांट की स्थापना होने के बाद इस प्लांट को चलाने को करीब 15 से ज्यादा प्रशिक्षित कर्मचारी लगेंगे। इन सभी कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था पालिका की ओर से होगी। नगर पालिका में जो सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। पहले की तरह से ही काम करते रहेंगे। किसी को पालिका की ओर से नहीं हटाया जाएगा।
लोगों को घर घर बांटे जाएंगे गीले और सूखे कूड़े के डस्टबिन: ईओ
ईओ मनोज कुमार रस्तोगी ने बताया कि पालिका को पूरी तरह से क्लीन रखने को पालिका की ओर से करीब 8000 परिवारों को सूखे और गीले कूड़े के लिए डस्टबिन का वितरण होगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। लोगों को सुझाव दिया जाएगा कि गीले को कौन से डस्टबिन में डाला जाना है। इन डस्टबिन से कूड़ा उठाने को स्वयं पालिका के कर्मचारी लगे होंगे। वहीं कूड़ा उनके घरों से उठाकर ले जाएंगे। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद नागरिकों को अपने स्तर से कुछ नहीं करना है। उन्हें तो केवल अपने घर के गीले और सूखे कूड़े को निर्धारित डस्टबिन में डालना है, बाकी काम पालिका का रहेगा।
पांच साल प्लांट चलने के बाद होगी अप्रत्याशित आय
ईओ ने बताया कि पालिका की ओर से जो 84 लाख की लागत से प्लांट लगेगा। उस प्लांट से पांच साल तक तो पालिका को कोई आय नहीं होगी, लेकिन पांच साल बीतने के बाद पालिका को अप्रत्याशित आय होगी। प्लांट से कई प्रकार के उत्पादों को निर्माण होगा। कंपोस्ट खाद को किसानों को बेचा जाएगा। इससे बाद में प्लास्टिक के कई उत्पाद जैसे, प्लास्टिक की शीशी, प्लास्टिक के कट्टे आदि। इसके अलावा और भी कई प्रकार के उत्पाद होंगे, जो पालिका की आय को बढ़ाने में सहायक होंगे।