गन्ना किसानों के पुराने कृषक कोड बदले
धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से ईआरपी सिस्टम के तहत किसानों के राजस्व ग्रामों की मेपिंग का कार्य चालू होने से कृषक कोड बदल गया है। ऐसे में किसानों को मिलों में गन्ने की तौल कराने में दिक्कत आ रही है। किसानों की समस्याओं को शुक्रवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति में जाकर उठाया।
भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, स्योहारा के गजेंद्र सिंह टिकैत, कविराज सिंह, हरिराज सिंह जाट ने बताया कि गन्ना विभाग की ओर से गन्ने के सीजन में ईआरपी सिस्टम के तहत किसानों के कृषक कोड में डाटा संशोधन किया जा रहा है। जिसके कारण किसानों के कृषक कोड बदल गए हैं। ऐसे में किसानों की चीन मिलों में गन्ना पर्चियां भी नहीं तौली जा रही हैं। चीनी मिल के अधिकारियों से वार्ता करने के बाद शुक्रवार को पुराने कृषक कोड पर ही गन्ना पर्चियां तौली गई हैं। गन्ना समितियों में करीब 70 हजार किसान सदस्य हैं। कृषक कोड बदलने से सभी परेशान हैं। उनकी समस्या का अधिकारियों के पास कोई समाधान नहीं है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वह शुक्रवार को गन्ना समिति में विशेष सचिव मनोज कुमार से इस समस्या पर वार्ता करने को आए थे। लेकिन उनके गैर हाजिर होने से वार्ता नहीं हो सकी है। वहीं, गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय का कहना है कि गन्ना विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में ईआरपी सिस्टम के तहत किसानों के राजस्व ग्रामों की मेचिंग की जा रही है। मेचिंग के दौरान डाटा फीडिंग होने से किसानों के पुराने कृषक कोड बदल गए हैं। सिस्टम ने नए कृषक कोड जनरेट कर दिए हैं। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।