नजीबाबाद। साहित्यकार दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि पर आयोजित काव्य संध्या में कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बिजनौर के साहित्यकार नीरजकांत सोती और धामपुर के साहित्यकार राजकुमार को दुष्यंत सम्मान-2021 प्रदान किया गया।
अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष प्रदीप डेजी के आवास पर आयोजित काव्य संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी कमिश्नर जीएसटी नीरज सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार देश के ऐसे साहित्यकार थे, जिनकी रचनाओं ने युवाओं को प्रेरणा दी हैं। मंजू जौहरी और मनोज त्यागी ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। कवि भागीरथ सिंह ने ‘मैं खुद को खोजता हूं कुछ और ना खुजाओ..’, जयप्रकाश जौली ने ‘कितनी रचनाएं लिख डालीं कवियों ने वीर जवानों पर’, जितेंद्र जैन ने ‘चांद सितारों की भाषा दुनिया वाले कब समझेंगे..’, अजय जौहरी ने ‘गजलों की दुनिया में दिलाया हिंदी को सम्मान, दुष्यंत त्यागी ही थे हिंदी गजलों की पहचान..’, सुनाकर वाहवाही बटोरी।
वहीं मनोज त्यागी ने ‘मोती से वार बैठा यह कौन चाह पर, दिये जलाकर रख दिए किसने राह पर..’, प्रमोद शर्मा ने ‘अजब था जो मंजर देखा, एक बूंद में समंदर देखा..’, मंजू जौहरी मधु ने ‘बस्ती के सियासी सभी बस्ती में रह गए, दुष्यंत आपके तो हुनर बोलते रहे..’, समेत राजेंद्र त्यागी, राजकुमार वर्मा, मोहन कुमार, दिव्या माहेश्वरी, जसवंत सिंह प्रकाश, बेगराज यादव, अशोक सविता, नीरज सिंघल, राजेश मिश्रा राजू , निशा अग्रवाल ने रचनाएं प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्याम रिवारी, शिव कुमार माहेश्वरी, उमापति गर्ग, संजीव माहेश्वरी, प्रभात जाखेटिया, अरुण गुप्ता, पंकज माहेश्वरी, सुमन वर्मा, हरिओम सिंघल, नरेंद्र पाल, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।