हाथी गजराज के हमले में हथिनी चंचल हो गई थी गंभीर रूप से घायल
हाथी के व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला के हाथी गजराज और हथिनी चंचल में संघर्ष के बाद चिकित्सकों ने कुछ परिवर्तन किए है। यह कदम उसके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। इसके तहत एक ओर जहां हाथी गजराज के खाने में बदलाव की सलाह दी गई है, वहीं हथिनी स्वास्थ्य लाभ कर रही है।
हाथीशाला के दो हाथियों की लड़ाई के बाद हाथी गजराज का खाना बदल दिया गया है। हाथीशाला में हाथी को एक ओर रखा गया है। हथिनी चंचल स्वास्थ्य लाभ कर रही है। वनक्षेत्राधिकारी नन्दकिशोर रूवाली के अनुसार सामान्य रूप से हाथी को हरे चारे के अलावा आटा, चना, गुड़, तेल, नमक आदि दिया जाता है। चंचल से लड़ाई बाद उसके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए अलग रखा गया है।
चिकित्सकों ने उसके दैनिक आहार में परिवर्तन कर दिया है। उसके आहार में आटा, चना, गुड़, तेल, नमक आदि को बंद कर दिया गया है। अब उसे केवल हरा चारा ही दिया जाएगा। चंचल का स्वास्थ्य ठीक हो रहा है। वह कुछ हल्की गति से चल रही है। कुछ देर चलकर रुक रही है। उसे आवश्यक दवाई आदि दी जा रही है।
कुशल प्रबंधन से हथिनी का बचाव सफल
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगन्थ नायक के अनुसार हाथीशाला में हथिनी चंचल का स्वास्थ्य सही है। हाथीशाला के कुशल प्रबंधन और चिकित्सकों की सलाह से चंचल का बचाव कार्य सफलता से पूरा हो गया है।