बिजनौर। गुमनाम उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए उद्योग विभाग सहयोग कर रहा है। जिले के पारंपरिक और स्थानीय काष्ठकला और ब्रश उत्पादों को नई पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। उद्योग विभाग एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल इन उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा दिलाएगा।
उत्पादों का निर्माण करने वाले कारीगर बेहतर गुणवत्ता के बावजूद बाजार और प्रचार के अभाव में लाभ नहीं कमा पाते हैं। ऐसे में अब उद्योग विभाग इन उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग और आकर्षक ब्रांडिंग के माध्यम से नई पहचान दिलाने की दिशा में काम करेगा। स्थानीय उद्यमियों को उत्पाद की पैकेजिंग डिजाइन, लेबलिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भी स्टॉल लगाकर उत्पादों को प्रदर्शित कराया जा रहा है। ताकि उद्यमियों को नए खरीदार और बाजार मिल सकें। बेहतर ब्रांडिंग से उत्पादों की मांग बढ़ेगी और कारीगरों की आय में भी इजाफा होगा। ओडीओपी योजना का उद्देश्य केवल उत्पाद तैयार कराना नहीं, बल्कि उन्हें बाजार में मजबूत पहचान दिलाना भी है। छोटे उद्यमियों और कारीगरों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी दी जा रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के पारंपरिक उद्योगों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।