- मजदूर की आधा बीघा जमीन पर कब्जा कर साहूकार ने बो दी बरसीम
- पुलिस ने आरोपी साहूकार के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
- पांच फीसदी मासिक ब्याजदर के कुचक्र में फंस गया कर्जदार मजदूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो कर्ज का लेन-देन सदियों से चलता आया है। लेकिन अब ब्याजदरों में साहूकारों की मनमानी कर्जदारों की कमर तोड़ रही है। अब एक और साहूकार ने एक मजदूर की आधा बीघा जमीन ही कब्जा ली। दरअसल मजदूर ने 13 हजार का कर्ज लिया था, 38 हजार रुपये अदा करने के बाद भी साहूकार ने खाता बंद नहीं किया और बकाया बढ़ाकर एक लाख कर दिया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गांव पूरनपुर स्याना निवासी मजदूर राजवीर सिंह की तहरीर पर नूरपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। बताया कि साल 2013-15 के दौरान उसके बच्चे की तबीयत खराब थी। इलाज के लिए उसने गांव के ही जोगेंद्र सिंह से 13 हजार रुपये उधार लिए। साल 2020 तक 10,800 रुपये वापस कर दिए थे। इसके बावजूद जोगेंद्र सिंह ने ब्याज जोड़कर उससे 61,500 रुपये की मांग शुरू कर दी। इसके बाद दबाव और डराने-धमकाने के बाद उससे 28 हजार रुपये और वसूल लिए गए। इसके बाद भी आरोपी अब पांच प्रतिशत ब्याज के हिसाब से ब्याज पर ब्याज जोड़कर करीब एक लाख रुपये की मांग कर रहा है।
राजवीर ने बताया कि राजमिस्त्री के साथ मजदूरी करता है। उसके पास सिर्फ आधा बीघा ही जमीन है। पांच दिन पहले साहूकार जोगेंद्र ने उसकी आधा बीघा जमीन पर कब्जा करते हुए फसल बो दी है। साथ ही आरोपी ने कहा कि एक लाख अदा कर दे, जमीन छोड़ दी जाएगी। राजवीर ने बताया कि वह बेहद गरीब और भूमिहीन मजदूर है। उसके पास अपना मकान तक नहीं है और आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। सीओ देश दीपक ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर में फैला है सूदखोरों का जाल
सरकार ने साहूकारा एक्ट ही खत्म कर दिया गया है। मगर साहूकारों का सूदखोरी का धंधा बदस्तूर चल रहा है। मनमानी ब्याजदर में कर्जदार पिस रहा है। पिछले दिनों भी एक साहूकार के खिलाफ थाना नजीबाबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साहूकार ही नहीं बल्कि फाइनेंस कंपनियों के एजेंट भी उत्पीड़न से बाज नहीं आते हैं।