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Bijnor News: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम की जमीन की विरासत में फंसाया विवादित शब्द का पेंच

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सीएम कमलनाथ ने अपने और दो बहनों की विरासत दर्ज करने के लिए किया था आवेदन
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- पूर्व सीएम के मृतक पिता को बताया गया बाहरी और वारिसों के नजदीक नहीं होने की गई थी टिप्पणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ को विरासत में मिलने वाली जमीन पर तहसील प्रशासन ने भी खूब अड़ंगा लगाया। दरअसल पूर्व सीएम की ओर से खतौनी में विरासत दर्ज कराने के लिए किए गए आवेदन पर विवादित शब्द लिखकर पेंच फंसा दिया गया था। कमलनाथ के पिता के बाहरी और वारिसों के भी दूर रहने की भी टिप्पणी आवेदन पर की गई। उधर जमीन हड़पने की साजिश में शामिल लेखपाल समेत दो आरोपियों की पुलिस तलाश में लगी है।

नजीबाबाद के गांव अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की करीब 90 बीघा जमीन थी। गाटा संख्या 349, 375, 377 और 429 की खतौनी में महेंद्र नाथ निवासी कोलकाता का नाम दर्ज है। सात सितंबर 2004 को दिल्ली में महेंद्र नाथ की मौत हो गई थी। मौत के 22 साल बाद तक इस जमीन पर महेंद्रनाथ का नाम चलता रहा।
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अब 18 मई को पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से चारों गाटा संख्या में स्थित जमीन को विरासत में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया। आवेदन में कमलनाथ, बहन नीता पुरी और रीता जोशी को वारिस बताया गया। जिस पर लेखपाल ने मृतक के बाहरी और वारिसों के दूर रहने का हवाला देते हुए आवेदन को आगे बढ़ा दिया गया। साथ विवादित शब्द भी लिखा गया। इसके बाद यह आवेदन तहसीलदार की कोर्ट में पहुंचा। मगर मई से लेकर अब तक विरासत के तौर पर यह जमीन कमलनाथ और उनकी बहनों के नाम पर दर्ज नहीं हो सकी।
इस प्रक्रिया के बीच ही पूर्व सीएम को जमीन के संबंध में मालूम हुआ कि तहसीलदार नजीबाबाद की कोर्ट में उक्त जमीन को लेकर धर्मपाल बनाम ग्राम सभा का मुकदमा चल रहा है। जिसमें फर्जी वसीयत दाखिल की गई है। जोकि पंजीकृत भी नहीं है। साथ ही उनके पिता महेंद्र नाथ का मृत्यु प्रमाण भी दाखिल किया गया, जोकि 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से ही जारी हुआ। जबकि उनके पिता की मौत सात सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी।
आरोप लगाया कि धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय निवासी नजीबाबाद और हल्का लेखपाल डेविड कुमार साजिश रचकर धोखाधड़ी करते हुए फर्जी तरीके से अपने नाम कराकर बेचना चाहते हैं। मामले में पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि अन्य दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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वर्जन::
जमीन के संबंध में दो आरोपियों को जेल भेजा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश चल रही है। विस्तृत जांच के लिए रिकॉर्ड को तलब किया गया है। - सुनील कुमार सिंह, सीओ नजीबाबाद
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