भाजपा भी कर रही ब्राह्मणों पर प्रहार : सतीशचंद्र मिश्रा
बिजनौर। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पदचिह्नों पर चलकर ब्राह्मणों व अनुसूचित समाज पर प्रहार कर रही है। ब्राह्मण समाज के मजबूत लोगों को घर से निकालकर कभी गाड़ी रोककर तो कभी गाड़ी पलटवाकर गोली मारी जा रही है। जो लोग भाजपा के साथ हैं, उनके बारे में ऐसा कुछ सुनने को नहीं मिलता है। कहा कि पूंजीपतियों और राम के नाम पर मिले पैसों से अब भाजपा चुनाव के समय प्रचार में उड़ाएगी। इस चुनाव में ब्राह्मण, अनुसूचित, पिछड़े व अल्पसंख्यक मिलकर भाजपा को प्रदेश से बाहर भेजेंगे।
प्रबुद्घ वर्ग के सम्मान, सुरक्षा व तरक्की आदि को लेकर आयोजित विचार संगोष्ठी में सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में भय का माहौल है। भाजपा परशुराम के वंशजों को सरकारी मशीनरी के जरिये डराने व प्रताड़ित करने की कोशिश कर रही है। कानपुर में दुबे का किस्सा क्या हुआ पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों के एनकाउंटर शुरू हो गए। न्यायालय, अदालत, मुकदमा कहीं नहीं ले जाया गया। साढ़े 17 साल के लड़के को पुलिस हरियाणा से लाई और उसे छह गोली मारीं। गोली मारने वालों को लखनऊ से भी तुरंत पुरस्कार मिलने की घोषणा हो गई।
ब्राह्मण समाज के मजबूत लोगों की लिस्ट बनाई गई, 50 से ज्यादा लोगों को गंभीर धारा लगाकर जेल भेज दिया गया। माता-पिता की सेवा कर रहे राकेश पांडेय को लखनऊ से उठाकर गोली मार दी गई। एप्पल कंपनी के एक कर्मचारी का केवल सरनेम तिवारी होने पर गोली मार दी। कानपुर की खुशी दुबे का जिक्र करते हुए कहा कि 29-30 तारीख को दुबे परिवार में उसकी शादी हुई थी, दो तारीख को उसे घर से उठा लिया। उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी, जेल प्रशासन ने उसे पैरोल भी नहीं मिलने दी। एक और महिला पर आईपीसी की सारी धारा लगाकर दो बच्चों के साथ जेल में डाल दिया गया। हाथरस में अनुसूचित समाज की बेटी से दुष्कर्म हुआ तो आधी रात को उसे मिट्टी का तेल डालकर जलवा दिया गया। कहा कि सपा सरकार में भी यही होता था। सपा सरकार में नीरज मिश्रा का सिर कटवाकर देखने के लिए लखनऊ मंगवाया गया था। सपा ने जन्म से ही ब्राह्मणों का विरोध किया है। अपनी ही सरकार के एक नेता का सपा सरकार में घर तक छीन लिया गया था।
कहा कि सपा मुखिया ने सरकार बनने पर कहा था कि ब्राह्मणों का कोई काम नहीं करना है। भाजपा सरकार में रायबरेली में पांच लोगों को दुर्दांत अपराधी बताकर जला दिया गया। भाजपा ने झूठे वादे करके और धर्म को बीच में लाकर चुनाव जीता है। धर्म के नाम पर वोट देने वाले ब्राह्मण अब पछता रहे हैं। हर साल दो करोड़ नौकरी देने की बात कहने वाले भाजपा नेता बाद में युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह देने लगे। ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह बैंक, रेलवे, किसानों की जमीन पूंजीपतियों की जेब में दी जा रही हैं। वे सभी कच्ची झोपड़ी में रहते थे।
लोगों को धर्म, जाति के नाम पर लड़ा रही भाजपा
कोरोना काल में किसानों पर तीन काले कृषि कानून थोपे गए हैं, इसका विरोध करते हुए 500 किसानों की मौत हो चुकी है। बसपा ने इन कानूनों का विरोध किया है। कहा कि वे अयोध्या गए तो जिस पुजारी ने पूजा कराई उस पर अगले दिन हमला करा दिया गया। अयोध्या में कोई विकास नहीं हुआ है। सरयू पर आज भी बसपा काल में बना घाट है। कहा कि मंदिर के नाम पर भाजपा वाले 1993 से पैसा खा रहे हैं। दस हजार करोड़ रुपये इकट्ठे करने के बाद भी मंदिर का काम शुरू नहीं कराया बल्कि तारीख टाली जा रही है। भाजपा धर्म, जाति के नाम पर लोगों को लड़ा रही है। भाजपा नेता अनुसूचित जाति के लोगों की झोपड़ी में फाइव स्टार होटलों का खाना मंगवाकर खाते हैं। भाजपा सरकारी अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज का नाम दे रही है। ब्राह्मण समाज ही सरकार बनाता है, सपा सरकार में पांच-छह ब्राह्मण विधायक थे, लेकिन बसपा में 45 ब्राह्मण विधायक जीते। ब्राह्मण समाज प्रदेश में सरकारी आंकड़ों में 13 प्रतिशत और वास्तव में 16.3 प्रतिशत है। 25 करोड़ में तीन करोड़ आबादी ब्राह्मणों की है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जितेंद्र सागर व संचालन पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर ने किया। कार्यक्रम में सांसद गिरीशचंद्र, पूर्व विधायक रुचि वीरा, शेख सुलेमान, पूर्व मंत्री धनीराम सिंह, बढ़ापुर विधानसभा से आसाद अली, जिला सचिव आरिफ अली, अवनीश अग्रवाल, संजय शर्मा, संजीव भारद्वाज, हर्ष पाराशर, अभिषेक पाराशर, डॉ. शकील अंसारी, पंकज शर्मा, अंकित शर्मा, अनिल शर्मा, सुभाष शर्मा, रोहित शर्मा, गगन शर्मा आदि मौजूद रहे।
ईंट का जवाब देना है पत्थर से : नकुल दुबे
पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार में ब्राह्मणों का अपमान किया जा रहा है। अब बदला लेना है और ईंट का जवाब पत्थर से देना है। 2022 में आन, बान और शान स्थापित करना है। भाजपा के लोग बहुत जालसाज हैं। जब तक उन्हें बाहर नहीं भेजेंगे चैन से नहीं बैठेंगे।
पंडितों के पैर छूकर शुरू होता है काम : मलूक
सांसद मलूक नागर ने कहा कि 52 प्रतिशत पिछड़ा समाज पंडितों के पैर छूकर ही किसी काम की शुरूआत करता है। गांवों में रहने वाले पंडितों के एक दो परिवार के पीछे पूरा गांव हो जाता है। बहन मायावती ने ब्राह्मणों का आशीर्वाद लेने और अलख जगाने, शंख बजाने के लिए राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्रा को भेजा है।
शंखनाद कर किया स्वागत
राज्यसभा सांसद सतीशचंद्र मिश्रा का शंखनाद करके स्वागत किया गया। मंत्रोच्चारण के बीच भगवान परशुराम की पूजा की गई। पगड़ी पहनाई गई और फरसा, भगवान परशुराम का चित्र व चुनाव चिह्न हाथी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ब्राह्मणों को केंद्र में रखकर किया गया, लेकिन ब्राह्मणों की संख्या बहुत कम रही। कार्यक्रम में भीड़ की वजह से अव्यवस्था भी बहुत रही। एक वरिष्ठ नेता को एक नेता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी ने मंच पर नहीं जाने दिया।