नूरपुर में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि भाजपा झूठे वादे करके जनता को गुमराह करना जानती है। भाजपा ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया है। जनता भाजपा का सच जान चुकी है और लोकसभा चुनाव में देश व प्रदेश से भाजपा का सफाया हो जाएगा।
सोमवार की शाम नूरपुर पहुंचे नरेश उत्तम पटेल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा के शासन में देश और प्रदेश की हालत खराब हो चुकी है। नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को भारी धक्का लगा है। भाजपा के एक वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश का कोई विकास नहीं हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सपा शासन में अखिलेश द्वारा कराए गए विकास कार्यों का लोकार्पण कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में अराजकता फैली हुई है। बेरोजगारी बढ़ी है। गरीब और गरीब होता जा रहा है। कहा कि भाजपा यूपीए सरकार के शासन में 49 प्रतिशत एफडीआई का विरोध करती थी, लेकिन उसने देश में शत प्रतिशत एफडीआई को लागू कर व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। लघु उद्योग बंद हो चुके हैं। स्वदेशी का नारा लगाने वाली भाजपा विदेशी हो गई है और चीन से करीब चार लाख करोड़ रुपये का सामान आयात हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नूरपुर में उपचुनाव पर सपा का पूरा ध्यान है तथा पार्टी इस चुनाव को हर हाल में भारी मतों से जीतेगी। इससे पूर्व उन्होंने नहटौर चौराहे पर एक सभागार में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनाव की तैयारी में जी जान से जुटने को कहा। इस दौरान सपा विधायक तसलीम अहमद, मनोज पारस, पूर्व विधायक रुचि वीरा, नईमुल हसन, अनिल यादव, हाजी इरशाद अली अंसारी, रविंद्र सिंह, स्वामी ओमवेश, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, मूलचंद चौहान मौजूद रहे।
उप चुनाव की तैयारी के लिए पांच एमएलसी उतारे
नूरपुर में सपा ने नूरपुर विधानसभा उप चुनाव के लिए तैयारी जोरों से शुरू कर दी है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठित करने एवं मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सपा ने पांच विधान परिषद सदस्यों को नूरपुर की जिम्मेदारी दी है। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के साथ सपा एमएलसी आनंद भदौरिया, शशांक यादव, परवेज अली, अमित यादव व उदयवीर सिंह भी नूरपुर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात कर उनकी नब्ज टटोली। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पांचों एमएलसी लगातार क्षेत्र में रहकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि टिकट के लिए एक पैनल बनेगा तथा वही तय करेगा कि किसे चुनाव लड़ाना है। लेकिन कार्यकर्ता अभ्ाी से चुनाव की तैयारियों में एकजुट होकर जुट जाएं।