बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका परिषद की टीमों ने मंगलवार को अस्पतालों का निरीक्षण किया। डॉ. हितेंद्र कुमार ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण न होने पर अस्पतालों पर जुर्माना लगाया गया।
एसीएमओ डॉक्टर सुशील कुमार ने बताया कि अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं पाया गया। जिसके चलते आरसी हॉस्पिटल पर 10 हजार रुपये, श्री हॉस्पिटल पर 15 हजार रुपये, ग्लोबल हॉस्पिटल पर 10 हजार रुपये और एशियन हॉस्पिटल पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर पालिका के डस्टबिन में ही बायोमेडिकल वेस्ट मिक्स था। इसके अलावा कर्मचारियों को टिटनेस हेपेटाइटिस बी और सी की वैक्सीन भी नहीं लगी थी। साथ ही टीम को कर्मचारियों को ट्रेनिंग करने के भी कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। कमी पाए जाने पर अस्पतालों पर अलग-अलग जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। टीम में एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार, डॉ. हितेंद्र कुमार, नगर पालिका की ओर से सेनेटरी इंस्पेक्टर गोविंद चौधरी, संदीप सिंह मौजूद रहे।
- बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारित करने का यह है नियम
- चिकित्सकों के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण इंसीनेरेटर में ही करना होता है।
- अस्पताल मैनेजमेंट को हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्ट को तीन हिस्सों में बांटना होता है।
- ब्लड, मानव अंग जैसी चीजों को लाल डिब्बे में डालना होता है। कॉटन, सिरिंज, दवाइयों को पीले डिब्बे में डालना होता है।
हरे डिब्बे में डाला जाता है बचा खाना
मरीजों के खाने की बची हुई चीजों को हरे डिब्बे में डाला जाता है। स्वास्थ्य और पालिका की संयुक्त टीम ने शनिवार को नजीबाबाद में अस्पतालों का निरीक्षण कर कार्रवाई की थी।
-अस्पतालों पर अब तक लगाया 46 हजार रुपये का जुर्माना
डॉ. हितेंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी से अप्रैल तक निरीक्षण के दौरान बायोमेडिकल वेस्ट सहित अन्य कमियां पाए जाने कई पर अस्पतालों पर जुर्माना डाला गया है। अफसरों के अनुसार फरवरी माह से अब तक बिजनौर शहर सहित जिले के कई अस्पतालों पर 46 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।