बिलाई मिल के अफसरों पर गिरेगी गाज
बिजनौर। शिफ्ट करने के नाम पर 18 करोड़ का शीरा बेचने के मामले में बिलाई चीनी मिल के अफसरों के खिलाफ गाज गिर सकती है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने इस मामले में सहायक चीनी आयुक्त को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं। सीजेएम की न्यायालय में मिल अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
गन्ना भुगतान शासन, प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार ने मिलों पर भुगतान के लिए पूरा दबाव बना रखा है। प्रशासन द्वारा मिलों को भुगतान के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। जो मिल चीनी के कम मूल्य या कम उठान का हवाला देते हुए भुगतान करने में असमर्थता जता रही हैं उनसे ग्रुप के अन्य स्त्रोतों से भुगतान करने को कहा जा रहा है। सरकार के इतने सख्त रवैये के बावजूद बिलाई चीनी मिल के अफसरों ने 18 करोड़ के शीरे को बेच दिया। बेचे गए शीरे से किसानों का भुगतान तक नहीं किया जबकि बिलाई चीनी मिल भुगतान में सबसे पिछड़ी हुई है। भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की शिकायत पर हुई जांच में मामले का खुलासा हुआ था। प्रशासन इस मामले को सख्ती से निपट रहा है। डीएम द्वारा मिल अफसरों को दो नोटिस जारी किए गए हैं। मिल अफसरों से बेचे गए शीरे से किसानों का गन्ना भुगतान करने के लिए तो कहा ही गया है। अब मिल के अफसरों के खिलाफ वाद दायर कराने की तैयारी की जा रही है। सीजेएम कोर्ट में मिल अफसरों के खिलाफ वाद दायर कराया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने सहायक चीनी आयुक्त को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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नहीं होगी अनदेखी
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि बिलाई चीनी मिल के अफसरों की कृत्य की किसी भी सूरत में अनदेखी नहीं की जा सकती है। मिल अफसरों के खिलाफ वाद दायर कराया जा रहा है।
आरोप है गलत
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह का कहना है कि मिल ने शीरा बेचकर उससे मिली राशि से कहीं ज्यादा भुगतान किया है। मिल पर लगाए गए आरोप गलत हैं। शीरे की सूचना लगातार डीएम व बाकी अफसरों को दी जा रही है।