कृष्णा के चेहरे व सिर पर गंभीर चोट आई है। सूचना पर एंबुलेंस द्वारा कृष्णा को उपचार हेतु सीएचसी धामपुर में दाखिल कराया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद कृष्णा को जिला अस्पताल बिजनौर उपचार हेतु भेज दिया गया। बताया कि कृष्णा लगभग डेढ वर्ष से क्षेत्र के ग्राम चक सहजानी में रहता था। टाईल्स आदि लगाने का कार्य करता था। कृष्णा के परिजनों को अवगत करा दिया गया है।
ग्रामीणों में असंतोष, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके स्तर से घटना के बारे में वन विभाग को अवगत कराया। पकड़ने की मांग की गई। पर दो दिन के बाद भी वन विभाग की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया। ग्रामीणों में असंतोष है। चेतावनी दी कि जल्द ही गुलदार को पकड़कर वनों में नहीं छोड़ा गया तो ग्रामीण वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
घटना से एक दिन पहले दरोगा को हुआ था गुलदार से सामना
घटना से एक दिन पहले गुलदार ने रात्रि के दौरान पृथ्वीराज पुलिस चौकी के प्रभारी दरोगा गंगाधर का गुलदार से जंगल में सामना हो गया। जैसे ही गुलदार ने उन पर हमला कर चोट करने का प्रयास किया तो वह डरे नहीं। बल्कि गुलदार के सामने डटे रहकर उसके उपर पिस्तौल तान ली। पिस्तौल को देख गुलदार छलांग लगा गन्ने के खेत में छिप गया। तब उन्होंने बाइक से दौड़ लगाकर जान बचाई।