सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि आरिफ सोशल मीडिया के माध्यम से सऊदी अरब में बैठे आकिब के संपर्क में था। जब इस मामले में गिरफ्तारियां शुरू हुईं तो आकिब ने व्हाट्सएप के जरिए आरिफ को फोटो और वीडियो डिलीट करने की चेतावनी दी।
पुलिस के मुताबिक आकिब सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और वीडियो साझा करता था, जिनका उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव पैदा करना और लोगों को उकसाना बताया जा रहा है।
पहले भी चार आरोपी हो चुके गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दक्षिण अफ्रीका में रह रहे बिजनौर के मैजुल को भारत लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया था। इसके अलावा उवैद मलिक निवासी टांडामाईदास थाना नगीना देहात, जलाल हैदर और समीर को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
हथियारों के प्रदर्शन वाला वीडियो बना था मामला
यह मामला तब सामने आया जब नवंबर में मेरठ के गांव सठला निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए वीडियो कॉल की थी। इस कॉल में मैजुल भी जुड़ा हुआ था और उसमें आकिब कथित तौर पर एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों का प्रदर्शन करता दिखाई दिया था।
वीडियो वायरल होने के बाद 23 नवंबर को नांगल सोती थाने में मामला दर्ज किया गया। बाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एटीएस की जांच के दौरान इस वीडियो को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
दो आरोपी अब भी फरार
पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े मेरठ निवासी आकिब और बिजनौर के आजाद अभी फरार हैं। दोनों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।