मनोज की फाइल फोटो और गिरफ्तार दोनों आरोपी।
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छह दिन से लापता ग्राम टांडा बेरखेड़ा निवासी मनोज कुमार उर्फ मोनू (22) पुत्र सुरेंद्र की शराब के नशे में हुई कहासुनी और गाली-गलौज के बाद उसके दो दोस्तों ने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जंगल में फेंके गए युवक के शव को बरामद कर लिया है। उसकी बाइक को भी आरोपियों ने जंगल में छिपा दिया था।
मनोज 17 अप्रैल को अपनी बाइक से स्योहारा बाजार से सामान लेने के लिए घर से निकला था। शाम तक भी वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। पिता सुरेंद्र की तहरीर पर 19 अप्रैल को पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। स्योहारा पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए 20 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाली। अहम सुराग ठाकुरद्वारा रोड स्थित रामगंगा पुल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला। इसमें मनोज दो युवकों नितिन सैनी निवासी ग्राम कादराबाद खुर्द व अनुज सैनी निवासी ग्राम शरीफपुर के साथ नजर आया। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया।
एएसपी पूर्वी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि मनोज उर्फ मोनू की नितिन व अनुज से दोस्ती थी। अक्सर वे साथ बैठते थे। 17 अप्रैल को भी तीनों ने एक साथ बैठकर शराब पी। मामूली कहासुनी और गालीगलौज के बाद नितिन व अनुज ने मनोज की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को रामगंगा नदी के पास झाड़ियों में फेंक दिया। बरामद किए गए शव की स्थिति खराब हो चुकी थी। मौके से मृतक की बाइक और एक जोड़ी चप्पल भी बरामद हुई। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
सीओ धामपुर अभय कुमार पांडेय व थाना प्रभारी संजय कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं दोनों हत्यारोपियों का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मनोज के पिता की कंक्रीट मिक्सिंग मशीन है। मनोज इस मशीन से लिंटर डालने का काम करता था। उसकी चार साल पहले ही शादी हुई थी। अभी कोई बच्चा नहीं था।