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Bijnor: गणेश जी की मूर्ति के साथ रामगंगा में बह गए दो भाई, पांच युवक बचकर बाहर निकले, किनारे पर चीख-पुकार

Tue, 02 Sep 2025 08:54 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Two Brothers Drowned: उत्तराखंड के जसपुर निवासी धर्मेंद्र और विजेंद्र करीब 50 लोगों के जत्थे के साथ भूतपुरी घाट पर पहुंचे थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण दोनों बह गए। नदी में उतरे सात युवकों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था।
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रामगंगा में डूबे दोनों भाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अफजलगढ़ स्थित भूतपुरी रामगंगा नदी घाट पर गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन करने आए उत्तराखंड के जसपुर के मोहल्ला नत्था सिंह निवासी दो भाई धर्मेंद्र (36) तथा विजेंद्र सिंह (34) नदी में डूब गए। गोताखोर दोनों की तलाश में जुटे हुए थे। देर रात तक उनका पता नहीं चला था। 
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नदी में तलाश करते गोताखोर। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार शाम साढ़े चार बजे दोनों भाई धर्मेंद्र और विजेंद्र पुत्र करन सिंह करीब 50 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ मूर्ति विसर्जित करने के लिए भूतपुरी स्थित रामंगगा घाट पर आए थे। रामगंगा पुल से करीब 800 मीटर दूर पांच अन्य युवकों के साथ विसर्जित करने के लिए दोनों गणपति जी की मूर्ति लेकर नदी में उतर गए। अचानक दोनों मूर्ति के साथ बहते हुए नदी में काफी दूर चले गए, जबकि अन्य युवक किसी तरह निकल आए। 

जत्थे में शामिल लोग किनारे पर खड़े दोनों भाइयों के सकुशल होने की प्रार्थना करते रहे। - फोटो : अमर उजाला
देखते ही देखते धर्मेंद्र और विजेंद्र लोगों की आंखों से ओझल हो गए। साथ में आया कोई व्यक्ति उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर सीओ आलोक सिंह और थानाध्यक्ष सुमित राठी, ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर स्थानीय गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों को तलाश किया लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग सका। एसडीएम स्मृति मिश्रा ने बताया कि अंधेरा होने के कारण फिलहाल तलाश रोक दी गई थी। एनडीआरएफ को बुलाया गया है।

मौके पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
छोटे को बचाने के प्रयास में बह गया बड़ा भाई
मूर्ति विसर्जित करते समय नदी के तेज बहाव में छोटा भाई विजेंद्र बहने लगा तो बड़े भाई धर्मेंद्र ने उसे बचाने का प्रयास किया। दोनों भाइयों के अलावा पांच अन्य युवक नदी में उतरे थे। बहाव तेज होने के कारण मूर्ति बहने लगी तो विजेंद्र भी उसके साथ बहने लगा। इस पर धर्मेंद्र ने उसका हाथ पकड़कर बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी उसके साथ बह गया। 
अन्य युवक किसी तरह बहाव से बाहर निकल आए। बताया गया कि मूर्ति विसर्जित करने आए जत्थे में शामिल लोगों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था। इसलिए कोई भी दोनों भाइयों को बचाने के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सका।
 
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शादीशुदा हैं दोनों भाई
नदी में डूबे दोनों भाई शादीशुदा हैं और उनके छोटे बच्चे हैं। सूचना पर अग्निशमन कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। अंधेरा होने के कारण स्थानीय गोताखोर दोनों की तलाश करने के बाद नदी से बाहर आ गए। मौके पर तहसील स्टाफ के अलावा गोताखोर अलंसार फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहम्मद शाहरुख, स्वेज, सुवैद, सद्दाम, फईम, खालिद, सरवर, सलमान, दानिश व कासिम आदि तलाश में जुटे रहे। सीओ ने बताया कि बुधवार सुबह फिर से तलाश शुरू की जाएगी। 

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