बिजनौर में कर्ज के बोझ के तले दबे लकड़ी के ठेकेदार ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। जिले में लगातार दूसरे दिन कर्ज के कारण आत्महत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
कस्बा झालू के निकटवर्ती ग्राम खारी निवासी पूर्व प्रधान अब्दुल गफ्फूर के पुत्र गफ्फार उर्फ भूरा (43) समूह में फाइनेंस कंपनी व साहूकारों के कर्ज से तंग था। अपने भाई अबरार के घर की बैठक की छत के पंखे में रस्सी का फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली।
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भाई अबरार के अनुसार गफ्फार कुछ समय से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उसने किसी फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया था। कर्ज की किस्त न चुकाने के चलते उसने साहूकारों से भी कर्ज ले लिया। ब्याज में कर्ज बढ़ता चला गया। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से साहूकार व फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट रुपये की वसूली के लिए गफ्फार पर दबाव बना रहे थे, जिससे क्षुब्ध होकर गफ्फार ने आत्महत्या कर ली।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतक को रस्सी के फंदे से नीचे उतार लिया। घटना होने के पांच घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। गफ्फार लकड़ी की ठेकेदारी का काम करता था। वह अपने पीछे पत्नी सहित तीन अविवाहित पुत्री व एक गोद लिया हुआ सात वर्षीय पुत्र को रोता छोड़ गया। इस मामले में एसपी सिटी संजीव वाजपेई ने बताया कि परिवार वालों ने किसी भी कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। कर्ज के दबाव में आत्महत्या को लेकर पुलिस जांच कराएगी।