पिता सुरेंद्र सिंह को गुलदार (तेंदुए) से बचाने के लिए उसकी बेटी दिशा ने जान की बाजी लगा दी। गुलदार ने होमगार्ड सुरेंद्र की टांग को जबड़े में जकड़ लिया था। बहादुर बेटी ने अपनी जान की परवाह किए बिना गुलदार के दोनों पैर पकड़ लिए। आसपास के लोगों के आने तक करीब दस मिनट तक वह गुलदार को पकड़े रही।
सुरेंद्र सिंह अपनी 20 वर्षीय पुत्री दिशा व रेशू (14) और पुत्र दीपांशु (18) के साथ घर के पीछे बने ट्यूबवेल पर जा रहे थे। इसी दौरान आम के पेड़ पर घात लगाए बैठे गुलदार ने सुरेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। सुरेंद्र सिंह का पैर गुलदार ने अपने जबड़े में जकड़ लिया। यह देख दिशा ने गुलदार के पिछले पैर पकड़कर खींच लिए और शोर मचा दिया।
गुलदार के साथ सुरेंद्र सिंह और दिशा का जमकर संघर्ष हुआ। छोटी बेटी रेशु और पुत्र दीपांशु ने भी साहस दिखाते हुए गुलदार के साथ दस मिनट तक संघर्ष किया।
दिशा ने बताया कि पिता को गुलदार के जबड़े में फंसे देख उसके अंदर न जाने कहा से शक्ति आई और डर दूर भाग गया। वह गुलदार से भिड़ गई। शोर सुनकर ग्रामीण डंडे लेकर दौड़े। तब गुलदार ने ग्रामीणों पर भी हमला किया। अन्य ग्रामीणों के आने पर सभी ने मिलकर गुलदार को घेर लिया।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार गुलदार के सिर पर डंडे से वार किया गया। कई बार वार करने के बाद गुलदार अचेत होकर गिर पड़ा। कहना था कि लोग गुलदार को न मारते तो वह उन्हें काफी नुकसान पहुंचा सकता था। गुलदार से संघर्ष में सुरेंद्र सिंह के साथ दिशा, दीपांशु और रेशू भी घायल हो गए। सभी को उपचार के लिए चिकित्सक के यहां ले जाया गया।
शनिवार को होगा तेंदुए का पोस्टमार्टम
घटना में होमगार्ड घायल हुआ है। मानव-गुलदार संघर्ष में गुलदार की मौत हो गई। आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई। गुलदार के शव को किरतपुर पौधशाला लाया गया है, जिसका शनिवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। - ज्ञान सिंह, डीएफओ