उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. मनु कालिया ने आजम हत्याकांड में तीन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार स्योहारा के मोहल्ला जोड़ियान निवासी शाहीन परवीन पांच जुलाई 2015 को दोपहर डेढ़ बजे वह अपने पति मोहम्मद आजम के साथ अपने घर पर थी।
बताया कि मोहल्ले के ही साजिद, अमन व उसके दो साथी परवेज आलम निवासी नया गांव मुरादाबाद व सरफराज निवासी ऊमरी मुरादाबाद उनके घर के पास इंडिगा कार खड़ी करके तिराहे पर खड़े होकर सिगरेट पी रहे थे और गंदी-गंदी गाली दे रहे थे।
जब मोहम्मद आजम ने उनसे कहा कि घर में बहू-बेटियां हैं, यहां से चले जाओ, तब ये लोग गाड़ी में रखे सरिया, लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर हमारे घर में घुस आए और आजम पर हमला कर दिया।
उसे बुरी तरह मारपीट कर घायल कर दिया। जब उसने व उसकी बेटी व जुनैद ने आजम को छुड़ाने का प्रयास किया तो हमारे साथ भी मारपीट की गई। इस मामले में गंभीर घायल आजम की 26 जुलाई 2015 को दिल्ली में मौत हो गई थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अमन के नाबालिग होने के आधार पर उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई। साजिद, परवेज आलम व सरफराज को आजम हत्याकांड में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई है।