नहटौर के गांव निजातपुर में अहमद अली के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 10 दिन में ही तीन भाइयों की बीमारी से मौत हो गई। सोमवार को भी मुस्लिम (48) ने दम तोड़ दिया। तीनों भाइयों की पत्नियां बेवा हो गईं। उनकी रोना देखकर पिता अहमद अली की हालत भी खराब हो रही है।
निजातपुर निवासी मुस्लिम नहटौर के एक पावरलूम में बुनाई का काम करता था। सोमवार सुबह वह साइकिल से ड्यूटी पर जा रहा था। जैसे ही वह गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पहुंचा तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह सड़क किनारे साइकिल खड़ी करके वहीं बैठ गया। सूचना मिलने पर परिजनों ने उसे चिकित्सक को दिखाया। हालत में सुधार होने पर चिकित्सक ने उसे घर भेज दिया। घर पहुंचने पर उसकी मौत हो गई।
इससे पहले पांच अक्तूबर को अहमद अली के दो बेटों की अलग-अलग अस्पतालों में मौत हो गई थी। उसके दोनों बेटे शाहरूम और नवाजिश चंडीगढ़ में रहकर ऑटो चलाते थे। परिजनों के अनुसार शाहरूम को तबीयत बिगड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। वहीं नवाजिश की भी तबीयत खराब हो गई थी। उसे नूरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पांच अक्तूबर को दिन में चंडीगढ़ में शाहरूम और रात्रि में नूरपुर में नवाजिश की मौत हो गई थी।
नहटौर : 15 दिन में बुखार से भाई-बहन की मौत
29 सितम्बर को गांव समसपुर हुसैनपुर निवासी अली (4) पुत्र शहनवाज की बुखार से मौत हो गई थी। सोमवार को अली की नौ वर्षीय बहन सिदरा की भी बुखार के कारण मौत हो गई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार आर्य ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। गांव में टीम भेजकर मौत के कारणों की जांच कराई जाएगी।