बिजनाैर जनपद में दरगाह परिसर के एक कमरे में घुसकर एक युवक ने खुद के कपड़े उतार कर आग जला दी। मजार में चढ़ी चादरों को भी आग में डाल दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक का पकड़ लिया। मनोरोगी बताते हुए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। उधर, दरगाह के जिम्मेदार लोगों ने उसके खिलाफ कार्रवाई से इनकार दिया है। कहा कि युवक ने ठंड में जान बचाने के लिए ऐसा किया।
हल्दौर में नहटौर मार्ग पर थाने के समीप दरगाह शरीफ हजरत शेख ग्यासुद्दीन सुल्तान शाह उर्फ गरीबशाह बाबा चिश्ती की मजार है। इस दरगाह परिसर में एक मकान बना है। इस पर बाबा सुल्तान काजी सेवादार है। वे शाम के वक्त कमरे में ताला लगाकर अपने घर चले जाते हैं।
गुरुवार की देर शाम एक युवक ने कमरे का ताला तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। ताला नहीं टूटने पर कमरे के पीछे बने खानेदारनुमा ईंट तोड़कर लगे जाल को हटाया और अंदर घुस गया। अंदर जाकर अपने कपड़े उतारे और मजार में चढ़ाई गई चादरें, धार्मिक ग्रंथ आदि सामग्री जलाकर तापने लगा।
शुक्रवार की सुबह दरगाह के सेवादार मौके पर पहुंचे और युवक को अर्धनग्न अवस्था में देख मामले की सूचना पुलिस को दी। एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी और थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र पाल सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। लोगों ने युवक को पुलिस को सौंप दिया।
एएसपी सिटी ने बताया कि चिकित्सकों ने युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई है। युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूछताछ में भी उसने बताया कि उसे ठंड लगी थी, पहले उसने घासफूंस जलाने का प्रयास किया था, बाद में अपने कपड़े, चादर आदि जलाकार ठंड को दूर किया।
दरगाह से जुड़े लोगों ने किया कार्रवाई से इनकार
नगर के संभ्रांत लोगों ने युवक को कपड़े पहनाएं। दरगाह के जिम्मेदार लोगों ने युवक के खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर दिया। कहना था कि अगर युवक ऐसा नहीं करता तो ठंड में उसकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने निकाय की ओर से की जाने वाली अलाव की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।