सजातीय युवक-युवती की प्रेम कहानी के सुखद अंत के बीच प्रेमी की 80 वर्षीय बूढ़ी मां और छोटे भाई-बहन को पंचों ने सजा सुना दी। पंचायत ने परिवार का गांव से बहिष्कार करने का एलान कर दिया। किसी भी आयोजन में न्योता न देने और किसी के खेत में घुसने तक पर पाबंदी लगा दी। इस तुगलकी फरमान से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस-प्रशासनिक के अधिकारी तहरीर मिलने पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
मामला स्योहारा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अनुसूचित जाति की युवती अपने लग्न रिश्ते से तीन दिन पूर्व घर के सामने ही रहने वाले सजातीय युवक के साथ चली गई थी। पुलिस ने दोनों को बरामद कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने दोनों को बालिग मानते हुए साथ रहने की इजाजत दे दी।
शुक्रवार को इस मामले में एक पंचायत हुई, जिसमें पूरा गांव शामिल हुआ। पंचायत ने युवक की बूढ़ी मां को खूब खरी खोटी सुनाई। इसके बाद ग्राम प्रधान जैसे गणमान्य लोगों के बीच पंचों ने अपना फैसला सुनाया। इसमें युवक की मां और छोटे भाई-बहन को गांव के किसी भी कार्यक्रम में न्योता न देने और किसी के भी खेत में घुसने पर रोक लगा दी गई। इस तुगलकी फरमान पर पूरे गांव ने अपनी सहमति की मुहर लगा दी। बूढ़ी मां अपनी डबडबाई आंखों से पूरा मंजर देखती रही।
ये बोले ग्राम प्रधान
पड़ोसी युवक और युवती का फरार होना पूरे गांव के लिए बदनामी की बात है। गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें कुछ सख्त फैसले लेने का विचार बनाया गया था, ताकि भविष्य में कोई ऐसा न कर सके। मगर, परिवार के बहिष्कार का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। - सोनू कुमार, ग्राम प्रधान
एसडीएम को नहीं जानकारी
ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - रितु रानी, एसडीएम धामपुर