व्यापारी ने बताया कि उनके घर में पिछले माह 19 अक्तूबर को भी बदमाश घुस आए थे। हथियारों के बल पर उनको और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। बदमाश 80 हजार रुपये की नकदी लूट ले गए थे। उन्होंने थाने में पहुंचकर रिपोर्ट लिखवाने की कोशिश की तो थानाध्यक्ष ने कोई कार्रवाई करने की बजाय उनको टरका दिया था।
बस दिया गश्त बढ़ाने का आश्वासन...
व्यापारी का आरोप है कि पहली वारदात होने के बाद थानाध्यक्ष ने यह आश्वासन दिया था कि उसके घर के आसपास गश्त बढ़ा दी जाएगी लेकिन गश्त नहीं बढ़ी। व्यापारी के मुताबिक, पहली वारदात पर ही अगर पुलिस कार्रवाई कर देती तो शायद अब डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात नहीं हो पाती।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का संकेत
एसपी नीरज कुमार जादौन ने पहली वारदात में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर थाना पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया है।
सुबह से शाम तक कई बार बदलवाई तहरीर
मंगलवार की देर शाम बदमाशों ने डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित का कहना था कि बुधवार की सुबह पुलिस को खबर दे दी गई। पुलिस ने दूसरी वारदात पर भी दिनभर पर्दा डालने की कोशिश की। सुबह से लेकर शाम तक कई बार तहरीर बदलवाई। शाम को एसपी के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट दर्ज कई गई। इससे पहले थानाध्यक्ष और सीओ लगातार वारदात पर पर्दा डालने की कोशिश में लगे रहे।
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