गिरफ्तार चारों आरोपी और अनिल सोती की फाइल फोटो।
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बिजनौर में अनिल कुमार सोती की हत्या दिल्ली के वकील ने सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने वकील की मुंशी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। हत्या की साजिश रचने वाला वकील अभी पकड़ से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगी है। आरोपी वकील अनिल सोती के भतीजे गौरव की जमीन की जमीन-फरोख्त कराने में शामिल था और उसे भी जमीन बिकने पर मोटा कमीशन मिलने वाला था।
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि छह अगस्त की शाम अनिल कुमार सोती (82) की उनके घर में ही नाड़े से गलाघोंट कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भांजे आलोक शर्मा ने गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस की जांच पड़ताल में निशा उर्फ अंजुम, हिना, अलीमुद्दीन, सुभाष और राजनारायण निवासी इतवारी गंज झांसी के नाम प्रकाश में आए।
बताया कि राजनारायण दिल्ली में रहकर वकालत करता है, जिसके चैंबर में निशा मुंशी/क्लर्क है। मृतक के भतीजे गौरव ने वकील राजनारायण के जरिए अपने हिस्से की 14 बीघा जमीन का सौदा कर दिया था। बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित बाग की 28 बीघा जमीन में गौरव और उसके चाचा अनिल कुमार सोती बराबर के हिस्सेदार हैं। गौरव ने अपने हिस्से की जमीन बेचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि को एग्रीमेंट कर दिया था। मगर चाचा अनिल कुमार सोती के साथ गौरव का कानूनी बंटवारा नहीं हुआ था। ऐसे में गौरव ने वकील राजनारायण के जरिए ही कुर्राबंदी (बंटवारे) का केस कराया।
उधर, कुर्राबंदी में देरी की वजह से गौरव ने वकील राजनारायण से नाराजगी जाहिर की थी। कुर्राबंदी कराने के लिए वकील मोटी रकम ले चुका था। केस किसी और के हवाले करने की बात भी गौरव ने वकील राजनारायण से बोल दी थी।
सीओ सिटी ने बताया कि केस के साथ-साथ जमीन की खरीद फरोख्त में दो प्रतिशत कमीशन हाथ से खिसकता देख वकील राजनारायण ने अनिल कुमार सोती की हत्या कराने की साजिश रची। उसने अपनी मुंशी को हत्या कराने की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि अभी साजिशकर्ता राजनारायण की गिरफ्तारी होना बाकी है। जिसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पता लग सकेगा कि कोई अन्य भी साजिश में शामिल है या नहीं।
पहले जेल भिजवाने की थी मंशा
दिल्ली में प्रेक्टिस करने वाले वकील ने अपनी मुंशी निशा के जरिए शुरुआत में अनिल कुमार सोती को जेल भिजवाने के लिए भी योजना बनाई थी। योजना के तहत निशा कई बार बिजनौर पहुंची मगर अनिल कुमार सोती की उम्र ज्यादा होने की वजह से दुष्कर्म या अन्य किसी मामले में जेल भिजवाने की झूठी कहानी को नहीं गढ़ा जा सका। इसके बाद हत्या करने का ताना-बाना बुना गया।
10 लाख में दी सुपारी, तीन लाख दिए एडवांस
साजिश रचने वाले वकील ने निशा को हत्या करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। 10 लाख में सौदा तय किया। तीन लाख एडवांस दे दिए गए थे। इसके बाद निशा ने अपनी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन और भाई के दोस्त सुभाष से संपर्क साधा। इन तीनों को महज 80 हजार रुपए ही दिए गए थे।
हत्या से पहले छह या सात बार लगाए चक्कर
अनिल कुमार सोती की हत्या करने से पहले चारों आरोपियों ने मृतक के घर 6 से 7 बार चक्कर लगाए। जोकि अनिल कुमार सोती से घुल मिल चुके थे। आरोपी कभी जमीन बिकवाने तो कभी खुद ही प्लॉट खरीदने की बात करते थे।
ये हुए गिरफ्तार
निशा उर्फ अंजुम परवीन निवासी राजवीर कॉलोनी घरौली एक्सटेंशन थाना गाज़ीपुर दिल्ली
हिना निवासी राजवीर कॉलोनी घरौली एक्सटेंशन थाना गाज़ीपुर दिल्ली
अलीमुद्दीन निवासी खोड़ा कॉलोनी दिल्ली मूलनिवासी गांव दरियापुर थाना नूरपुर बिजनौर
सुभाष निवासी गांव दरियापुर थाना नूरपुर बिजनौर
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