शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी मदनलाल सैनी सपा के प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। 16 अगस्त को हरिद्वार की लक्सर थाना पुलिस ने उनके बेटे दुष्यंत सैनी को चार साथियों के साथ गिरफ्तार किया। उन पर बिना अनुमति के ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर खून की तस्करी का आरोप है।
आरोप है कि दुष्यंत सैनी गैर प्रदेशों और बिजनौर में ब्लड को आठ से दस हजार रुपये प्रति यूनिट बेचता था। गिरफ्तारी के समय वे कैंप से लिया गया 27 यूनिट ब्लड बिजनौर ला रहे थे। पहले भी लगाए गए कैंपों का खून बिजनौर में बेचा गया था। इस राजफाश से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में हलचल है, तथा ब्लड बैंकों पर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में 17 ब्लड बैंक हैं, जिनमें एक मदनलाल सैनी का भी है, जिसे दुष्यंत देखता है। अप्रैल 2026 में दुष्यंत ने लक्सर में एक और ब्लड बैंक खोला था। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये ब्लड बैंक खून की तस्करी के लिए खोले गए थे।
हरिद्वार पुलिस पहले के कैंपों और बेचे गए ब्लड का पता लगा रही है। प्रारंभिक जांच में सपा नेता के ब्लड बैंक में खून बेचे जाने की बात सामने आई है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग जल्द ही ब्लड बैंकों की जांच शुरू करेंगे।
ये बोले सपा नेता मदनलाल सैनी
मदनलाल सैनी का कहना है कि उनका बिजनौर में छह साल से (2020 से) और लक्सर में चार महीने पहले (अप्रैल 2026 में) ब्लड बैंक है। उन्होंने कहा कि ब्लड उनके खुद के ब्लड बैंक में जमा कराया गया था और सपा नेता होने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है।