नगीना की राजनीति की जानी-मानी हस्ती ओमवती देवी का शुक्रवार दोपहर बिजनौर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लगभग 75 वर्ष की थीं। उनके निधन से प्रदेश के राजनीतिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गई है। ओमवती देवी ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व किया और अपनी अमिट छाप छोड़ी।
ओमवती देवी का राजनीतिक जीवन अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने नगीना क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार विधायक के रूप में जीत हासिल की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक बार सांसद के रूप में भी देश की संसद में अपनी आवाज उठाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में उन्हें मंत्री पद से नवाजा गया, जो उनके राजनीतिक कद को दर्शाता है।
इतना ही नहीं, उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर भी विधायक के रूप में कार्य किया। प्रदेश की चार प्रमुख पार्टियों में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली ओमवती देवी अपने राजनीतिक अनुभव और सूझबूझ के लिए जानी जाती थीं।
विभिन्न दलों में योगदान
ओमवती देवी ने अपने राजनीतिक जीवन में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों के साथ काम किया। उन्होंने इन दलों के लिए समर्पण भाव से कार्य किया और अपने क्षेत्रों में जनता की सेवा की। उनके द्वारा विभिन्न पार्टियों में बिताए गए समय ने उन्हें एक व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण प्रदान किया, जिससे वे जमीनी हकीकत से भलीभांति परिचित थीं।
शोक और श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर मिलते ही नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और उन्हें एक जुझारू नेता तथा सच्ची जनसेवक के रूप में याद किया है। ओमवती देवी को उनकी राजनीतिक निष्ठा, जन सेवा के प्रति समर्पण और अपने क्षेत्र के विकास में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनका जाना उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।
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