अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कमलदीप ने महिला की हत्या में पति संदीप कुमार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। जबकि सास और ससुर को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
थाना धामपुर में महेंद्र पाल सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि उन्होंने अपनी बेटी चित्रा की शादी 25 नवंबर 2023 को संदीप कुमार निवासी कागपुर के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही चित्रा के ससुराल वाले दहेज की मांग करने लगे, उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।
13 अगस्त 2024 की सुबह चित्रा ने अपनी मां से फोन पर बातचीत की, संदीप के ऑफिस जाने के बाद फिर से बात करने के लिए कहा लेकिन चित्रा का फोन नहीं आया। करीब 11:22 बजे ससुराल पक्ष से संदीप का मौसेरा भाई बता कर किसी ने चित्रा के फोन से ही कॉल किया। बताया कि चित्रा की मौत करंट लगने से हो गई है। आप जल्दी चले आओ। चित्रा की ससुराल जाकर देखा तो सिर के पीछे काफी गहरी चोट थी। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट के निशान मिले और पूरा शरीर खून से लथपथ था।
पुलिस ने पति संदीप कुमार पुत्र बृजपाल सिंह, बृजपाल सिंह और उसकी पत्नी प्रमोद देवी निवासी रायपुर मलूक उर्फ कागपुर थाना धामपुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मामले की विवेचना करते हुए दहेज हत्या आदि धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। अदालत ने पति संदीप कुमार को चित्रा की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं ससुर बृजपाल सिंह और सास प्रमोद देवी को दो-दो साल के कारावास के दंड से दंडित किया है।