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Bijnor: बिजली संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा, तपती धूप में बिजलीघर पर डेरा, अधिकारी के इंतजार में धरना जारी

Sun, 24 May 2026 02:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर

सार

बिजनौर के सिसौना बिजलीघर पर बिजली आपूर्ति की खराब व्यवस्था के विरोध में सैकड़ों किसान धरने पर बैठ गए। किसानों ने समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

 

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धरने पर बैठे किसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति की खराब व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। रविवार को सैकड़ों किसानों ने सिसौना बिजलीघर पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार खराब हो रही बिजली व्यवस्था के कारण खेती-किसानी और आम जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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सुबह से बिजलीघर पर जुटे किसान
किसान मजदूर संगठन के जिला उपाध्यक्ष देवराज सिंह की अध्यक्षता में सुबह करीब दस बजे से किसान सिसौना बिजलीघर पर एकत्र होने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धरने में शामिल किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा।
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संविदा कर्मियों के प्रभारी को धरने पर बैठाया
धरने के दौरान संविदा कर्मियों के क्षेत्रीय प्रभारी नीरज कुमार मौके पर पहुंचे। किसानों ने उन्हें अपने बीच धरने पर बैठा लिया और क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी लगातार शिकायतों के बावजूद मौके पर आने से बच रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सात कर्मचारियों के जाने से बढ़ी परेशानी
किसान नेताओं चौधरी आदित्य वीर सिंह, देवराज सिंह, कुमार बृजपाल सिंह, जगत सिंह, लटूर सिंह प्रधान, यशपाल सिंह और संजीव कुमार ने बताया कि बिजलीघर पर पहले सात संविदा कर्मियों की तैनाती थी, लेकिन सभी कर्मचारी नौकरी छोड़कर चले गए।

उनका कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण रात्रि के समय होने वाले विद्युत दोष समय पर ठीक नहीं हो पाते। इससे घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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अधिकारी नहीं पहुंचे, बढ़ा रोष
धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद किसान बिजलीघर परिसर में डटे रहे। उनका कहना है कि जब तक स्थायी समाधान का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

बिजली संकट से खेती और जनजीवन प्रभावित
किसानों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं। खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और अन्य आवश्यक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि बिजलीघर पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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