फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिंजरे के पास आया, लेकिन अंदर नहीं घुसा गुलदार

विज्ञापन
मंडावर के ग्राम मोहडिंया के जंगल में गुलदार के पैरों के निशान देखते वन विभाग के अधिकारी। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
पिंजरे के पास आया, लेकिन अंदर नहीं गया गुलदार
विज्ञापन

मंडावर। गांव मोहंडिया में मादा गुलदार के मूत्र से नर गुलदार आकर्षित हुआ, पिंजरे तक पहुंचा भी, लेकिन पिंजरे के अंदर नहीं गया। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग केवल गुलदार की गलती के इंतजार में है। गुलदार को पकड़ने के लिए विभाग अब नए डिजाइन के पिंजरे भी मंगवा रहा है।
विज्ञापन

गांव मोहंडिया के जंगल में नर गुलदार कई दिन से नजर आ रहा है। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग कड़ी मशक्कत कर रहा है, लेकिन गुलदार हाथ नहीं आ रहा है। पहले वन विभाग गुलदार को मादा समझ रहा था, लेकिन बाद में उसके नर होने का पता चला। गुलदार को आकर्षित करने के लिए वन विभाग ने कानपुर चिड़ियाघर से मादा गुलदार का मूत्र मंगवाया है। यह मूत्र मंगलवार को विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों पर छिड़का गया था। विभाग की टीम ने सुबह को गांवों में जाकर देखा तो पिंजरे खाली मिले। हालांकि पिंजरों के आसपास गुलदार के पंजों के निशान मिले हैं। गुलदार के पंजों के निशान मिलने से वन विभाग के कर्मचारियों ने यह मान लिया है कि मादा गुलदार के मूत्र ने नर गुलदार को आकर्षित किया है। गुलदार को पकड़ने के लिए अब विभाग के कर्मचारी पिंजरे के अंदर से बकरे को हटाकर किसी दूसरे जानवर को बांधने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा नई डिजाइन के पिंजरे भी मंगवाए जा रहे हैं। अगर पिंजरे में फंसने के बाद गुलदार आजाद होने की कोशिश में घायल होता है तो नए पिंजरे में गुलदार के खड़े होने की जगह को कम करके उसका उपचार आराम से किया जा सकता है एवं ट्रेंकुलाइज भी किया जा सकता है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक गुलदार को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। नए डिजाइन के पिंजरे मंगवाए जा रहे हैं। मादा गुलदार के मूत्र से आकर्षित होकर गुलदार के जल्दी पिंजरे में फंसने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें