उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह जब ग्रामीण खेत की तरफ गए तो पिंजरे में गुलदार को कैद देखकर शोर मच गया। बतातें चले कि पिछले साल एक बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
गन्ने को हथियार बनाकर महिला गुलदार से भिड़ गई थी और जैसे-तैसे अपनी जान बचा पाई थी। इस घटना के बाद वन विभाग ने कई दिन की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया था।
अब गांव में दूसरा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उधर वन दरोगा धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गुलदार की आयु आदि के बारे में जांच के बाद ही पता चल पाएगा।