बोलेरो को बाहर निकालते ग्रामीण
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बिजनौर के बढ़ापुर में रास्ते के अनजाने में उत्तराखंड के पाखरौ वन रेंज की बोलेरो कस्बे के समीप नकटा नदी के पानी में धस गई। गाड़ी में सवार चालक समेत चार वनकर्मियों ने गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। बाद में बोलेरो को जेसीबी व ट्रैक्टर की सहायता से पानी से बाहर निकाला गया।
बताया गया कि उत्तराखंड के पाखरौ वन रेंज के वनकर्मी तेज वर्षा होने पर किसी कार्य से रेंज की बोलेरो में सवार होकर पाखरौ से कोटद्वार जा रहे थे। इस मार्ग पर पड़ने वाली स्नेह नामक नदी के रपटे पर पानी का तेज बहाव होना देखकर वनकर्मी बोलेरो लेकर दूसरी दिशा से बढ़ापुर-नगीना मार्ग से नगीना जाने के लिए क्षेत्र के ग्राम मुकंदपुर व कुंजेटा से होते हुए बढ़ापुर आ रहे थे।
बताया गया कि बोलेरो में एक महिला वनकर्मी समेत चार लोग सवार थे। यहां कस्बे के समीप पहुंचने पर रास्ते में पड़ने वाली नकटा नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण चालक को नदी के रपटे की पहचान नही हो सकी और अनजाने में बोलेरो नकटा नदी के पानी में चली गई। बोलेरो को नदी के पानी में डूबता देख बोलेरो सवार वनकर्मियों ने बोलेरो से कूदकर अपनी जान बचाई।
वनकर्मियों का शोर सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने वनकर्मियों को नदी से सुरक्षित बाहर निकालने में उनकी मदद की। बोलेरो पानी के तेज बहाव में बहने लगी और कुछ दूरी पर पहुंचकर एक टीले पर रुककर पानी में डूबने लगी। बाद में काफी मशक्कत के बाद जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद से बोलेरो को नदी के पानी से बाहर निकाला गया।
माजरा देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पाखरौ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विकास रावत ने बताया कि चारों वनकर्मी किसी कार्य से नगीना जा रहे थें कि रास्ते में यह हादसा हो गया। सभी वनकर्मी सुरक्षित है और लोगों की मदद से गाड़ी को भी नदी के पानी से बाहर निकाल लिया गया है।