बिजनौर के मीरापुर खास गांव में ईडी ने जूता व्यापारी मोहम्मद अली के आवास पर छापा मारा। व्यापारी सहित पूरे परिवार से बात की। साथ ही बैंक के अधिकारियों को बुलाकर उनका भी सहयोग लिया।
कादराबाद के गांव मीरापुर खास में जूता व्यापारी मोहम्मद अली के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम के छापे की कार्रवाई देर शाम तक चली। करीब 13 घंटे की जांच के बाद टीम चली गई।
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बुधवार सुबह छह बजे ईडी की टीम सीआरपीएफ जवानों के साथ गांव मीरापुर खास में जूता व्यापारी मोहम्मद अली के घर पहुंची थी। टीम ने व्यापारी सहित परिवार के लोगों से करीब 13 घंटे पूछताछ की थी। फोटो दिखाते हुए व्यापारी के चचेरे भाई अदनान के संबंध में जानकारी की। अदनान के सामने आने पर टीम ने उससे एक सिम के संबंध में जानकारी की।
अदनान ने अपने पास चालू हालत में होना बताया। इस दौरान टीम ने व्यापारी व परिवार के अन्य पुरुषों से सवाल जवाब किए। टीम ने पूर्व में थाईलैंड गए गांव के अन्य युवकों को बुलाकर भी पूछताछ की। इस दौरान स्थानीय बैंक कर्मियों का भी सहयोग लिया गया। बृहस्पतिवार को व्यापारी ने दावा किया कि टीम ने उन्हें क्लीन चिट देते हुए चार पेज की फाइल सौंपी है।
थाईलैंड में धोखाधड़ी करने वाली कंपनी में फंस गया था व्यापारी का भतीजा
व्यापारी मोहम्मद के बेटे मोनिश ने साल 2019 को आईडी पर एक सिम चचेरे भाई अदनान को दिया था। अदनान गांव के कुछ युवकों के साथ थाईलैंड गया था, जहां वह अन्य युवकों के साथ किसी धोखाधड़ी करने वाली कंपनी में फंस गया था। अदनान के अनुसार कंपनी के लोग उन्हें फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर ठगने का काम कराते थे। कंपनी में कार्यरत करीब 65 युवकों का यही काम था।
मना करने पर कंपनी के लोग पिटाई करने के साथ खाना-पीना बंद कर देते थे। पासपोर्ट भी कंपनी ने ले रखे थे। किसी तरह से वे लोग भागकर भारतीय दूतावास के संपर्क में आए और भारत आ गए। युवकों को थाईलैंड भेजने वाला एक युवक आदिल मेरठ का बताया गया है, जो इस कंपनी के संपर्क में था। फिलहाल आदिल को ईडी ने हिरासत में ले रखा है। अदनान ने एक वर्ष पूर्व थाईलैंड से वापस आने के बाद भी उस सिम को चालू रखा, जिसके चलते टीम उनके गांव पूछताछ के लिए पहुंची थी।